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हार्दिक पटेल नहीं जा सकेंगे गुजरात से बाहर, अदालत ने खारिज की अर्जी

Fri, 25 Sep 2020 04:26 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, अहमदाबाद
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हार्दिक पटेल (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल द्वारा दी गई अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें जमानत से जुड़ी शर्तों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की मांग की गई थी। पटेल ने अपनी याचिका में उनके राज्य से बाहर जाने पर रोक वाली शर्त को अस्थायी रूप से स्थगित किए जाने का अनुरोध किया था।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बीजे गणात्रा की अदालत ने राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पटेल की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अदालत द्वारा उन पर लगाई गई जमानत शर्त के 12 सप्ताह के निलंबन की मांग की गई थी, जिसके तहत उन्हें राज्य छोड़ने से पहले अदालत की अनुमति लेनी होगी।







बता दें कि 2015 के राजद्रोह मामले में निचली अदालत की सुनवाई के दौरान पेश नहीं होने पर हार्दिक को इस साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए यह शर्त लगा दी थी। शुक्रवार को अपने आदेश में कोर्ट ने पटेल की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आवेदक जमानत की स्थिति का अस्थाई निलंबन लेने के लिए उचित आधार प्रस्तुत करने में विफल रहा है।
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पटेल ने इस आधार पर राहत मांगी थी कि उन्हें राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपने दायित्व को पूरा करने के लिए अक्सर राज्य छोड़ना होगा। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उन्हें शीर्ष अदालत के सामने लंबित चार मामलों के बारे में सुप्रीम कोर्ट में अपने वकीलों को जानकारी देने की जरूरत है, जिनके जल्द ही सूचीबद्ध होने की संभावना है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण अधिकांश राजनीतिक घटनाएं ऑनलाइन और आभासी माध्यमों से हो रही हैं, इसलिए पटेल को 12 सप्ताह के लिए गुजरात से बाहर जाने की अनुमति देने का अनुरोध उचित नहीं लगता है।

अदालत ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति में, यह स्वीकार करने के लिए कोई आधार नहीं है कि याचिकाकर्ता को अपने वकील से आमने-सामने मिलना है, और न ही चार मामलों में शीर्ष अदालत में सूचीबद्ध होने की तत्काल संभावना है जैसा कि पटेल ने अपनी याचिका में उल्लेख किया है।

मामले के जांच अधिकारी, साइबर अपराध पुलिस निरीक्षक आर जे चौधरी ने अपनी अर्जी में कहा कि पटेल ने गुजरात उच्च न्यायालय और निचली अदालत द्वारा लगाई जमानत की शर्तों का कई मौकों पर उल्लंघन किया है और अपने पते में बदलाव के बारे में पुलिस को सूचना नहीं दी तथा देशद्रोह मामले में सुनवाई में 61 बार अनुपस्थित रहे।

पटेल को अहमदाबाद अपराध शाखा ने जनवरी में गिरफ्तार किया था। देशद्रोह मामले में अदालती कार्यवाही में कई बार अनुपस्थित रहने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। यहां पाटीदार (समुदाय के) कोटा के लिए 25 अगस्त 2015 को एक रैली के बाद गुजरात के कई हिस्सों में हिंसा भड़क जाने के सिलसिले में अपराध शाखा ने पटेल के खिलाफ देशद्रोह का एक मामला दर्ज किया था। पटेल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे।

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