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Gujarat: 'बेटे से पांच महीनों से संपर्क नहीं, थाईलैंड में एजेंटों ने बंदी बनाया', वडोदरा के दंपती का बड़ा दावा

Thu, 18 Sep 2025 08:31 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा

सार

षार के माता-पिता की ओर से पेश किए गए आवेदन के अनुसार, वह पिछले साल अप्रैल में दो स्थानीय आव्रजन एजेंटों की मदद से एक निजी फर्म में काम करने के लिए दुबई गया था। फिर, दुबई स्थित अभिषेक कुमार नामक एक एजेंट ने उसे सितंबर 2024 में थाईलैंड भेज दिया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वडोदरा के एक दंपती ने दावा किया है कि उनके 28 वर्षीय बेटे को थाईलैंड में पांच महीने से बंदी बनाकर रखा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वडोदरा के निवासी नागरभाई रणपारा और उनकी पत्नी रीता ने दावा किया कि उनके बेटे तुषार से पिछले पांच महीनों से कोई संपर्क नहीं है। उन्हें संदेह है कि उसे थाईलैंड में एजेंटों ने बंदी बनाकर रखा है। उन्होंने लगभग एक साल पहले उसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश जाने के लिए राजी किया था। दंपती ने कुछ दिन पहले वडोदरा के समा पुलिस स्टेशन में एक आवेदन दिया। अपने बेटे का पता लगाने और उसे घर वापस लाने में मदद मांगी।

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सहायक पुलिस आयुक्त (जी डिवीजन) जीबी बंभानिया ने बुधवार को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच वडोदरा शहर अपराध शाखा को सौंप दी गई है। तुषार के माता-पिता की ओर से पेश किए गए आवेदन के अनुसार, वह पिछले साल अप्रैल में दो स्थानीय आव्रजन एजेंटों की मदद से एक निजी फर्म में काम करने के लिए दुबई गया था। फिर, दुबई स्थित अभिषेक कुमार नामक एक एजेंट ने उसे सितंबर 2024 में थाईलैंड भेज दिया। दंपती ने दावा किया कि तुषार ने पांच महीने पहले उनसे बातचीत बंद कर दी थी।

'जबरन काम करवाया जा रहा'
अधिकारी ने कहा, 'दंपती को संदेह है कि उनके बेटे को बंदी बनाकर रखा गया है और उसकी सहमति के बिना उससे जबरन काम करवाया जा रहा है। तुषार का पता लगाने और उससे जल्द से जल्द संपर्क करने के लिए जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई है।' 
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गुजरात और केंद्र सरकार से बेटे को घर लाने की अपील
रणपारा ने गुजरात और केंद्र सरकार से अपने बेटे का पता लगाने और उसे घर लाने की अपील की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'पिछले साल थाईलैंड पहुंचने के बाद से वह वीडियो और वॉयस कॉल के जरिए संपर्क में रहा। पिछले पांच महीनों से उसके फोन आने बंद हो गए हैं। हमें शक है कि उसे थाईलैंड भेजने वाले एजेंटों ने उसका फोन छीन लिया और उसे बंधक बना लिया। हम राज्य सरकार और केंद्र सरकार से अपने बेटे को वापस लाने की अपील करते हैं।'

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