उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ सात सीटों पर जीत मिली, लेकिन कांग्रेस ने पंजाब में अच्छी जीत हासिल की। पार्टी ने रणनीतिकार प्रशांत किशोर को पंजाब जीत का श्रेय दिया है और अब ये खबर है कि वह गुजरात में पंजाब की कहानी को दोहराना चाहती है। अगले साल यानि 2018 में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और कांग्रेस की प्रदेश कमिटी प्रशांत किशोर को कमान सौंपनी की तैयारी शुरू कर दी है।
कांग्रेस का मानना है कि प्रशांत किशोर 2007 और 2012 के गुजरात विधानसभा चुनावों में लगातार हार के बाद पार्टी को जीवित करने में मदद कर सकते हैं। वैसे भी प्रशांत किशोर के लिए गुजरात कोई नया जगह नहीं है। 2012 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें चुनाव अभियान में रखा था। प्रशांत किशोर साल 2012 के चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने में भूमिका निभाई थी। इसलिए मोदी ने उन्हें 2014 लोकसभा चुनाव के लिए अपने अभियान का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
गुजरात कांग्रेस के नेताओं को अब उम्मीद है कि प्रशांत किशोर पंजाब और बिहार जैसी सफलता की कहानी गुजरात में भी लिखेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकरसिंह बघेला ने कहा, " प्रशांत किशोर की प्रभावी रणनीति ने बिहार और गुजरात में जीत दिलाने में मदद की थी। हम गुजरात और हिमाचल में इसी तरह की उनसे उम्मीद करते हैं।"
पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि 'कांग्रेस पार्टी प्रशांत किशोर और उनकी टीम की कड़ी मेहनत का की सराहना करती है और उनके खिलाफ फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को खारिज करती है।' जिसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी ट्वीट कर किशोर की तारीप की। बता दें कि कांग्रेस ने किशोर को पांच राज्यों की चुनावी प्रचार रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। जिसमें पंजाब एकमात्र ऐसा राज्य रहा जहां पार्टी बहुमत प्राप्त करने में सफल हुई। जबकि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।