गुजरात के कांग्रेस विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने पालनपुर सर्किट हाउस से बुधवार रात करीब 11:30 बजे गिरफ्तार कर लिया। उन्हें असम ले जाया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्ववीट में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर मेवाणी के खिलाफ असम पुलिस ने केस दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, मेवाणी को सड़क मार्ग से अहमदाबाद ले जाया गया, वहां से उन्हें ट्रेन से असम के गुवाहाटी लाया गया और फिर सड़क मार्ग से कोकराझार ले जाया गया। वह वड़गाम से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो कि गोडसे को गॉड मानते हैं, उन्हें गुजरात में सांप्रदायिक संघर्ष के खिलाफ शांति व सौहार्द की अपील करना चाहिए।'
उक्त ट्वीट को लेकर मेवाणी के खिलाफ भादंवि की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 153 (A) (दो समुदायों के खिलाफ शत्रुता बढ़ाना), 295(A) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से भड़काने वाली बातें कहना) तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
मेवाणी के एक समर्थक ने कहा कि पुलिस ने अभी तक हमारे साथ एफआईआर की प्रति साझा नहीं की है। प्रथम दृष्टया हमें उनके खिलाफ असम में दर्ज कुछ मामलों के बारे में सूचित किया गया है। वहीं, मेवाणी ने कहा कि हो सकता है कि मेरे किसी ट्वीट के सिलसिले में मुझे गिरफ्तार किया गया हो। मेवाणी की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस नेता जगदीश ठाकोर ने कहा कि यह एक विधायक को डराने-धमकाने का प्रयास है।
मेवाणी के समर्थन में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
बुधवार आधी रात को जैसे ही मेवाणी के समर्थकों को उनकी गिरफ्तारी का पता चला वैसे ही सभी अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए और असम पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
सीएम सरमा ने भी दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवानी की गिरफ्तारी पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। अगर आप ट्वीट की बात करें तो कांग्रेस शासित प्रदेशों में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां ऐसी चीजों को गंभीरता से लिया गया है। ये कानूनी प्रकिया है, जो होगा कानूनी दायरे में होगा।