किताब में कहा गया है कि गुजरात में औद्यौगिक क्रांति लाने वाली सभी औद्यौगिक इकाईयां जैसे गुजरात रिफाइनरी, गुजरात नर्मदा घाटी फर्टिलाइजर कंपनी, गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर कंपनी और गुजरात मिनरल डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन और अन्य इकाइयां भी कांग्रेस के शासनकाल में स्थापित की गई हैं। यह सभी तब स्थापित की गईं थीं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीति में कदम भी नहीं रखा था।
किताब में कहा गया है कि अमूल जैसी कंपनी जिसने दूध के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाया, वह भी कांग्रेस के कार्यकाल में ही स्थापित हुई थी। ठीक इसी तरह अधिकतर केमिकल इकाई, ऑटोमोबाइल मेन्युफैक्चरिंग इकाई और डायमंड इंजस्ट्रीज आदि भी कांग्रेस के ही कार्यकाल में स्थापित हुईं।
किताब में इसी प्रकार से कई बड़े इंस्टीट्यूट जैसे आईआईएमए, इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन आदि की स्थापना भी कांग्रेस के कार्यकाल में होने की बात कही गई है। इसके साथ ही प्रवक्ता ने किताब में कहा है, 'लेकिन पीएम मोदी, जो कि पब्लिसिटी मांगने की कला में निपुण हैं, उन्हें इन सभी कामों का श्रेय खुद को देने में बिल्कुल शर्म महसूस नहीं होती, जो बीते 70 सालों में राज्य में विभिन्न सरकारों द्वारा किए गए हैं।