गुजरात में एक बार फिर चुनावी माहौल गरमाने वाली है। आगामी निकाय चुनाव के दौरान मतदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 26 अप्रैल को अहमदाबाद पहुंच सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों दिग्गज नेता अपने गृह राज्य में लोकतंत्र के इस उत्सव में भागीदारी करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद के राणिप इलाके स्थित निशान स्कूल में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। वहीं, गृहमंत्री अमित शाह भी शहर के एक तय पोलिंग स्टेशन पर वोट डालेंगे। केवल यही नहीं, अन्य बड़े चेहरे भी इस दिन कतारों में नजर आएंगे। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल थलतेज इलाके में वोट डालेंगी, जबकि मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल नवसारी में मतदान करेंगे।
10,000 सीटों पर महामुकाबला
गुजरात राज्य निर्वाचन आयोग के लिए यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा चुनावी आयोजन है। इसमें 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतों के भविष्य का फैसला होना है। कुल 10,000 से अधिक सीटों के लिए होने वाली इस जंग में 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में डटे हैं। वहीं, कई सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन भी हो चुका है।
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27% ओबीसी आरक्षण लागू
इस बार का चुनाव सिर्फ हार-जीत का नहीं, बल्कि सामाजिक समीकरणों की परीक्षा भी है। राज्य में पहली बार स्थानीय निकाय चुनावों में 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण लागू किया गया है। अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए पहले से मौजूद कोटा के साथ यह नया आरक्षण स्थानीय निकायों के स्वरूप को पूरी तरह बदलने वाला माना जा रहा है।
बहुकोणीय संघर्ष की आहट
चुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों की मजबूत उपस्थिति ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। करीब 4.19 करोड़ मतदाता 50,000 मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए अपना फैसला सुनाएंगे। 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी, जबकि 28 अप्रैल को नतीजों के साथ स्पष्ट हो जाएगा कि गुजरात की स्थानीय सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी।