क्राइम ब्रांच ने माधवदास भक्तिराम साधु और उसकी पत्नी उर्मिला उर्फ जया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने 2022 में तीन बीमार महिलाओं की कथित तौर पर हत्या की थी। इनमें उर्मिला की नानी शांता वसावा का शव सीमेंट से भरे ड्रम में बंद कर जमीन में दबाने का आरोप है।
गुजरात के सूरत में चार साल पहले हत्या के बाद सीमेंट से भरे ड्रम में बंद कर जमीन में दबाया गया महिला का शव अब मिला है। पत्नी से विवाद के बाद उसे हत्या के मामले में फंसाने के लिए पति ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन जांच में कहानी उलट गई। पूछताछ में पति के बयानों में विरोधाभास सामने आए और पुलिस के मुताबिक उसी से पूछताछ के दौरान 2022 में हुई तीन महिलाओं की हत्या का राज खुला। क्राइम ब्रांच ने माधवदास भक्तिराम साधु और उसकी पत्नी उर्मिला उर्फ जया को गिरफ्तार किया है।
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पहले दोनों मिलकर करते थे हत्या, विवाद के बाद पति ने पत्नी को फंसाना चाहा
पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने 2022 में परिवार की तीन बीमार महिलाओं की कथित तौर पर हत्या की थी। इनमें उर्मिला की नानी शांता वसावा का शव ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद किया गया और जमीन में दबा दिया गया था।
इस मामले में क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी। माधवदास ने पुलिस को ऐसी जानकारी दी, जिससे शक उसकी पत्नी और उसके कजिन पर जाए। पुलिस ने पहले कजिन से पूछताछ की, लेकिन उसकी संलिप्तता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने माधवदास की भूमिका की जांच शुरू की। पूछताछ में उसके बयान बदलते रहे। पुलिस के अनुसार, आखिरकार माधवदास ने बताया कि शांता की हत्या उसने उर्मिला के साथ मिलकर की थी। पुलिस का कहना है कि पत्नी से विवाद के बाद वह उसे और उसके कजिन को फंसाना चाहता था। एजेंसी
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आठ महीने से अलग रह रहे थे पति-पत्नी
जांच में सामने आया कि माधवदास और उर्मिला करीब आठ महीने से अलग रह रहे थे। उर्मिला अपने बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई थी और गहने व नकदी भी साथ ले गई थी। इसी बात को लेकर माधवदास उससे रंजिश रखने लगा था।
पूछताछ में दो और हत्याओं का खुलासा
शांता की हत्या की जांच के दौरान पुलिस को दो और महिलाओं की मौत के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, उर्मिला की बहन भगवती वसावा की भी दोनों ने हत्या की थी। भगवती टीबी से पीड़ित थीं। आरोप है कि तकिये से चेहरा दबाकर उनकी हत्या की गई और शव दफना दिया गया। तीसरी मृतका माधवदास की मां मंजुला साधु थीं, जो लकवे से पीड़ित थीं। पुलिस का आरोप है कि उनकी भी हत्या की गई और बाद में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।