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Gujarat: 18 साल बाद भी BJP नहीं तोड़ पाई विसावदर में हार का सिलसिला, आप ने फिर लहराया परचम; समझिए समिकरण

Mon, 23 Jun 2025 10:01 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले गुजरात की विसावदर सीट भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। 18 साल बाद भी भाजपा इस सीट पर अपनी दावेदारी साबित करने में असफल रही और आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर इस सीट पर अपना परचम लहराया। इस सीट से आम उम्मीदवार गोपाल इटालिया ने भाजपा के किरीट पटेल को 17,554 वोटों से हराकर सीट बचाई। वहीं दूसरी ओर कडी सीट से भाजपा के राजेंद्र चावड़ा ने कांग्रेस के रमेश चावड़ा को हराया।

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गुजरात के विसावदर सीट का समीकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात की विसावदर सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बार फिर भाजपा को शिकस्त दी है। आप नेता गोपाल इटालिया ने भाजपा उम्मीदवार किरीट पटेल को 17,554 वोटों से हराकर यह सीट बरकरार रखी। गोपाल इटालिया को 75,942 वोट मिले, जबकि किरीट पटेल को 58,388 वोट मिले। कुल 21 राउंड की गिनती के बाद यह नतीजे सामने आए। वहीं, मेहसाणा जिले की कडी सीट पर भाजपा के राजेंद्र चावड़ा ने कांग्रेस के रमेश चावड़ा को 39,452 वोटों से हराया। राजेंद्र चावड़ा को 99,742 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के पूर्व विधायक रमेश चावड़ा को 60,290 वोट मिले।

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बता दें कि यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और यहां के भाजपा विधायक कर्सन सोलंकी के निधन के बाद यह उपचुनाव हुआ था। हालांकि चर्चा का मुख्य कारण ये रहा कि दोनों सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया।

विसावदर में 2007 से भाजपा को नहीं मिली जीत
बात अगर गुजरात की विसावदर सीट की करें को भाजपा पिछले 18 साल से इस सीट पर जीत के लिए तरस रही है। आखिरी बार पार्टी ने 2007 में यहां जीत दर्ज की थी। इस बार भी भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। केंद्रीय मंत्री और गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल समेत कई बड़े नेता प्रचार में उतरे थे। इसके बावजूद मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी को चुना।
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क्या है इस सीट की समीकरण, समझिए
विसावदर सीट कभी गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल की सीट रही है। 2012 में उन्होंने भाजपा छोड़कर गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) बनाई और इसी सीट से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया और उनके बेटे भरत पटेल को टिकट मिला, लेकिन वे 2014 में कांग्रेस के हर्षद रिबाडिया से हार गए।

ठीक इसके तीन साल बाद यानी 2017 में भी रिबाडिया ने भाजपा को हराया था। वहीं 2022 में रिबाडिया भाजपा में शामिल हो गए लेकिन 2022 विधानसभा चुनाव में आप के भूपेंद्र भायानी से हार गए। दिसंबर 2023 में भायानी ने इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन कर ली, जिससे यह सीट फिर खाली हुई।

इटालिया बोले- जनता ने दिखा दम
विसावदर सीट पर अपनी जीत बरकरार रखने के बाद गोपाल इटालिया ने कहा कि विसावदर की जनता ने दिखा दिया कि अगर आम लोग ठान लें तो कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पैसा और ताकत जनता की एकता के आगे टिक नहीं सकते। वहीं इस सीट पर हार के बाद भाजपा प्रवक्ता यज्ञेश दवे ने कहा कि हम जनता का फैसला स्वीकार करते हैं। हम 2027 में फिर कोशिश करेंगे।

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कडी सीट पर भाजपा की बड़ी जीत
हालांकि दूसरी ओर भाजपा ने कडी सीट पर बड़ी जीत दर्ज किया है। इस सीट से भाजपा के राजेंद्र चावड़ा ने परचम लहरया। ध्यान रहे कि यह सीट फरवरी 2024 में विधायक कर्सन सोलंकी के निधन से खाली हुई थी। वहीं आम आदमी पार्टी ने यहां जगदीश चावड़ा को मैदान में उतारा, लेकिन मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा।

गुजरात विधानसभा में वर्तमान स्थिति
गौरतलब है कि उपचुनाव के नतीजों के बाद अब बात अगर गुजरात विधानसभा की करें तो। कुल 182 सीटें भाजपा के पास 162 सीटें, कांग्रेस के पास 12 सीटें, आम आदमी पार्टी (आप) के पास पांच सीटें, समाजवादी पार्टी के पास एक सीट और निर्दलीय उम्मीदवारों के पास दो सीटें हैं। ऐसे में एक बात तो जनात ने साफ कर दिया है कि गुजरात भलेहीं भाजपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन अभी भी कुछ सीटों पर अपना दबदबा कायम करने में पार्टी विफल रही है। 

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