गुजरात के भाजपा विधायक शशिकांत पांड्या को बनासकांठा जिले की एक अदालत ने तीन माह की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। विधायक को यह सजा 21 साल पहले सरकारी कामकाज में बाधा डालने के मामले में सुनाई गई है।
अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है ताकि वह ऊपरी अदालत में अपील दाखिल कर सकें। पांड्या के खिलाफ साल 1998 में डीसा नगरपालिका के कर्मचारियों को उनके कामकाज में अवरोध पैदा करने के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि कोर्ट ने सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए उन्हें तीन मामलों में बरी कर दिया ।