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गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई: वापी में ड्रग्स बनाने वाले गोदाम का भंडाफोड़, ₹7 करोड़ का माल जब्त; दो गिरफ्तार

Tue, 26 May 2026 10:01 PM IST
अमन तिवारी आईएएनएस, वलसाड/अहमदाबाद

सार

गुजरात एटीएस ने वापी में कबाड़ गोदाम की आड़ में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सात करोड़ रुपये की मेफेड्रोन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आशंका है कि ये लोग पिछले कई महीनों से नशीला पदार्थ बनाने और बेचने का काम कर रहे थे।
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
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गुजरात एटीएस (ATS) और वलसाड एसओजी (SOG) ने एक संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने वलसाड जिले के वापी तालुका में स्थित सरीगाम गांव के एक कबाड़ गोदाम पर छापा मारा। यहां नशीली दवा 'मेफेड्रोन' (MD) बनाने की यूनिट चल रही थी। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त की है और दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
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गुप्त सूचना के आधार पर हुआ कार्रवाई
एटीएस के अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि राजेश मौर्य और उसके साथी अब्दुल कलाम और मेहुलकुमार मकवाना कबाड़ गोदाम की आड़ में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर एक विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी निगरानी और मानवीय सूत्रों से जानकारी पक्की होने के बाद पुलिस ने गोदाम पर धावा बोल दिया।

तलाशी के दौरान पुलिस को 2.377 किलो मेफेड्रोन मिली। इसके साथ ही 0.658 किलो एक और संदिग्ध नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इस पदार्थ को सरकार ने 11 मार्च 2023 से एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में डाला रखा है। एटीएस के मुताबिक, जब्त किए गए माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 6 से 7 करोड़ रुपये के बीच है।
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दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में 36 वर्षीय अब्दुल कलाम और 45 वर्षीय मेहुलकुमार मकवाना को गिरफ्तार किया है। अब्दुल कलाम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर का रहने वाला है और फिलहाल दमन में रहता है। वहीं मेहुलकुमार वापी का ही निवासी है। पुलिस मुख्य आरोपी राजेश मौर्य की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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जांच में सामने आया कि ये आरोपी पिछले पांच से छह महीनों से ड्रग्स बनाने की तैयारी कर रहे थे। वे अलग-अलग जगहों से कच्चा माल इकट्ठा करते थे और फिर उसे प्रोसेस करके नशीला पदार्थ तैयार करते थे। पुलिस का अनुमान है कि बरामद कच्चे माल से करीब 500 से 600 ग्राम और ड्रग्स बनाई जा सकती थी। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन लोगों ने ड्रग्स बनाना कहां से सीखा और वे इसे किसे बेचने वाले थे। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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