उन्होंने बताया कि तीनों पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और राजकोट शहर में एक सोने के बाजार में काम करते थे। एटीएस के पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश जाट ने पत्रकारों को बताया कि एटीएस टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी और वह सोमवार रात को पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लेने से पहले पिछले तीन से चार दिनों से संदिग्धों पर कड़ी नजर रख रही थी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से एक देसी अर्ध स्वचालित पिस्तौल, कारतूस, कट्टरपंथी साहित्य, वीडियो और अन्य सामग्री बरामद की गई है। अधिकारी ने बताया कि तीनों आरोपी बांग्लादेश में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में रहने के लिए अत्यधिक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिन्होंने उन्हें विभिन्न कार्यों को करने का निर्देश दिया, जिसमें दूसरों को कट्टरपंथी बनाना भी शामिल था।
उन्होंने कहा, 'शुक्र अली, शैफ नवाज और अमन मलिक को कल हिरासत में लिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। नवाज पिछले दो साल से राजकोट में हैं, जबकि अन्य दो पिछले सात से आठ महीने से यहां हैं। पहले दो बर्धमान जिले से हैं, जबकि तीसरा हुगली से है।' अधिकारी ने बताया कि उनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि मलिक पिछले एक साल से टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में रहने के लिए कर रहा था, जो बांग्लादेश में अलकायदा का प्रमुख है।
मलिक को अन्य लोगों को आतंकवादी संगठन में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का काम सौंपा गया था, और उसने कट्टरपंथी साहित्य, वीडियो और स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल करने के बारे में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए दो मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया था।