फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gujarat ATS Arrest: गुजरात में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, दबोचा गया आरोपी; कर रहा था टारगेट किलिंग की तैयारी

Tue, 27 Jan 2026 06:13 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

गुजरात एटीएस ने टारगेट किलिंग की साजिश का पर्दाफाश करते हुए 22 वर्षीय दर्जी फैजान शेख को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह पैगंबर के कथित अपमान का बदला लेने के नाम पर हमले की योजना बना रहा था। उसके पास से हथियार, जिहादी साहित्य और सोशल मीडिया चैट बरामद हुई है। 
विज्ञापन
आतंकी हमले की साजिश नाकाम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गुजरात एटीएस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए 22 वर्षीय एक दर्जी को गिरफ्तार किया है। ये कथित तौर पर 'लोन वुल्फ' की तरह काम कर रहा था। यानी किसी टीम, संगठन या समूह के सहयोग के बिना पूरी तरह से अकेले अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना चाह रहा था। आरोप है कि वह पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान का बदला लेने के नाम पर उत्तर प्रदेश में कुछ लोगों की टारगेट किलिंग की योजना बना रहा था। एटीएस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता था।

विज्ञापन


पूरा मामला क्या है?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान फैजान शेख के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के डुंडावाला का रहने वाला है।  फिलहाल गुजरात के नवसारी जिले के चारपुल इलाके में रह रहा था। एटीएस ने उसके पास से एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए। शुरुआती जांच में सामने आया कि वह कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित था और अकेले ही हमले की तैयारी कर रहा था।

ये भी पढ़ें- राजनाथ बोले- आत्मनिर्भरता अब राष्ट्रीय सोच, ऑपरेशन सिंदूर ने दिखायी स्वदेशी शक्ति
विज्ञापन


कैसे रची गई टारगेट किलिंग की साजिश?

  • ये ऐसे लोगों की पहचान करता था, जिन पर पैगंबर के अपमान का आरोप लगाया जाता था।
  • वह ऐसे लोगों की फोटो और नाम आगे साझा करता था।
  • इन्हें मारने के लिए उकसाने वाले संदेश फैलाए जाते थे।
  • इस साजिश में वांछित आरोपी मोहम्मद अबू बकर भी शामिल था।
  • दोनों मिलकर डर और दहशत फैलाने की योजना बना रहे थे।


कट्टरपंथी संगठनों से कैसे जुड़ा आरोपी?
जांच में सामने आया है कि फैजान शेख जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों की विचारधारा से प्रभावित था। उसके मोबाइल फोन से जिहाद भड़काने वाली सामग्री, वीडियो और ऑडियो मिले हैं। एटीएस के अनुसार आरोपी ने बताया कि वह पिछले छह से सात महीनों से अबू बकर के संपर्क में था और व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए बातचीत करता था।

ये भी पढ़ें- अमेरिका-चीन की आंखों में चुभेगी इंडिया-यूरोपीय यूनियन की ये डील, दुनिया की अर्थव्यवस्था पर होगा असर

विज्ञापन


मोबाइल से क्या-क्या आपत्तिजनक सामग्री मिली?

  • एटीएस ने आरोपी के फोन से कई गंभीर सबूत बरामद किए हैं।
  • जिहाद को बढ़ावा देने वाली 29 पन्नों की साहित्य सामग्री।
  • लाल किले की तस्वीर, जिसमें तिरंगे की जगह काला झंडा दिखाया गया।
  • भारत के नक्शे से छेड़छाड़ कर कश्मीर को अलग दिखाने वाली तस्वीरें।
  • कुछ लोगों की तस्वीरें, जिनके चेहरे घेरकर उन्हें निशाना बताया गया।
  • संदेश, जिनमें धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया।


एटीएस के मुताबिक फैजान शेख ने स्वीकार किया है कि उसने करीब छह महीने पहले उत्तर प्रदेश में एक अज्ञात व्यक्ति से हथियार खरीदा था। आरोपी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। एजेंसी का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जांच अभी जारी है।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें