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गुजरात चुनाव: सोशल मीडिया पर वायरल जोक्स से पार्टियों के प्रचार को मिल रही धार

Sat, 11 Nov 2017 07:09 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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गुजरात में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से सियासी घमासान अपने चरम पर है। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य होने की वजह से प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के दिग्गज नेता ने चुनावी प्रचार अभियान में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। 
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वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ‘गुजरात गौरव महा-संपर्क अभियान’ के तहत घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं। इस बीच सभी पार्टियों के राजनीतिक नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर दंगल छिड़ गया है। राजनीतिक दलों की ओर से एक- दूसरे को नीचा दिखाने के लिए भरसक कोशिश की जा रही है।

इस क्रम में राजनेताओं के द्वारा अपने प्रतिद्वंदियों की गलत तस्वीरें शेयर करने का मामला भी सामने आया है। वैसे तो बीजेपी और कांग्रेस पार्टी मिलकर केंद्रीय स्तर पर चुनाव अभियान चला रही हैं लेकिन पाटीदार जैसे अन्य दलों ने इस अभियान में स्थानीय हंसी-मजाक वाली भाषा को शामिल कर बहुत सफलता हासिल की है। 
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उल्लेखनीय है कि हाल ही में राहुल गांधी ने नवसृजन गुजरात यात्रा की थी। जिसमें एक रैली के दौरान उन्होंने सवाल पूछा था कि विकास को क्या हो गया है? जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों ने जवाब दिया कि विकास पागल हो गया है। इसके साथ ही एक अन्य रैली में राहुल ने कहा था कि गुजरात में विकास झूठ सुनकर पागल हो गया है। इसके बाद से ‘विकास पागल हो गया है’ के नारे को कांग्रेस पार्टी खूब भुना रही है।

इन दिनों सोशल मीडिया पर भी बीजेपी-कांग्रेस के बीच ‘मैं हूं विकास v/s विकास पागल हो गया है’ की वॉर चल रही है। बीजेपी सोशल मीडिया में वायरल हो रहे राहुल के जुमले 'विकास पागल हो गया है' की काट ढूंढने का प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया पर बीजेपी इन दिनों विकास को वेरिफाई कर कैम्पेन चला रही है। जिसमें गुजरात के डेवलप एरिया की वीडियो शूटिंग औऱ फोटोग्राफी करके 'यह है विकास' टैग लाइन देकर वीडियो लगातार वायरल किए जा रहे हैं। 
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- फोटो : social media
गुजरात के एक 20 वर्षीय पाटीदार कार्यकर्ता सागर सावलीया ने स्थानीय हंसी-मजाक वाली भाषा में सोशल मीडिया पर 'विकास गंडो थाय चे' (विकास पागल हो गया है) के शीर्षक से वीडियो अपलोड किया जो इन दिनों व्हाट्सऐप पर खूब वायरल हो रहा है। सावलिया, जो एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट है। उसका कहना है कि दो साल पहले 25 अगस्त को उसने ओबीसी आरक्षण के लिए की गई रैली के दौरान पुलिस हिंसा में अपने दोस्त स्वानत पटेल को खोने के बाद से वह राजनीति में आ गया।  

सवालिया पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का करीबी है। वह गुजरात विधानसभा चुनाव में पाटीदार समुदाय का समर्थन हासिल करने के लिए हार्दिक पटेल की अगुवाई वाली पाटीदार अनामत आंदोलन समिति में सक्रिय रूप से कार्यरत है। यह समिति चुनावी अभियान चला रही है जिसके तहत राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ व्हाट्सएप और फेसबुक पर जो कंटेंट प्रसारित किया जा रहा है वह जंगल की आग की तरह फैल रहा है। 

इसके अलावा 'विकास' शीर्षक से वायरल हो रहे एक अन्य मैसेज में सड़क पर दिल के आकार का गड्ढा शामिल है जिसमें कहा गया है कि विकास प्यार में गिर गया है औऱ पास में एक पोस्टर रखा है जिस पर लिखा हैः 'सावधान रहें, आगे बहुत विकास है।'

पिछले दिनों राहुल गांधी ने जीएसटी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह देश में 'गब्बर सिंह टैक्स' को थोपने नहीं देगे। राहुल ने ट्वीट कर कहा था, 'हम भारत में गब्बर सिंह टैक्स को लागू नहीं होने देंगे। वे छोटे और मध्यम व्यवसायियों की रीढ़ नहीं तोड़ सकते। वे असंगठित क्षेत्रों को नहीं दबा सकते और न लाखों नौकरियों को तबाह कर सकते हैं।' जीएसटी मुद्दे को भुनाने में पार्टी ने चुनावी अभियान में पूरी कोशिश की है। राहुल ने एक रैली के दौरान 1975 में आई बॉलीवुड फिल्म शोले का उदाहरण देते हुए कहा कि गब्बर सिंह की तरह ही जीएसटी ने व्यापारियों के हाथों काट दिया था। 

कांग्रेस ने राज्य में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बनाने और बीजेपी को सोशल मीडिया पर पटखनी देने के लिए अपनी आईटी सेल बना रखी है। जो सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक कांग्रेस को मैजेस को प्रसारित करने का काम कर रहा है। कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया अभियान को लीड कर रहे रोहन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया अभियान को विभाजन तीन भागों में किया गया है- भाजपा विरोधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस समर्थक।

गुप्ता की टीम में 40 सोशल मीडिया मैनेजमेंट करने वाले सैनिक शामिल है। उन्होंने कहा कि चुनावी अभियान में मोदी की खिलाफ व्यक्तिगत रूप से कोई टिप्पणी नहीं की जा रही है, केवल न पूरे किए गए चुनावी वादों को लेकर ही हमला किया गया। 
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