कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात विधानसभा चुनाव के मतदान से पहले ही पार्टी अध्यक्ष बन जाएंगे। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को बहुप्रतीक्षित कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की अहम बैठक बुलाई है। इसमें नए कांग्रेस अध्यक्ष को चुनने के लिए चुनावी कार्यक्रम तय किया जाएगा।
बैठक में करीब 15 दिनों की प्रक्रिया के तहत नामांकन, नाम वापसी और मतदान की तारीख तय की जाएंगी। राहुल के अलावा किसी अन्य के नामांकन न कराने की स्थिति में नाम वापसी की तिथि को ही उन्हें अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा। कार्यसमिति की बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी संगठन चुनाव हैं, लेकिन मौजूदा और ज्वलंत मुद्दों पर भी चर्चा संभव है। इसके एजेंडे को लेकर वरिष्ठ नेता तैयारी में जुट गए हैं।
किसी और के नामांकन की उम्मीद कम
कांग्रेस को संगठन चुनाव पूरे कर 31 दिसंबर तक चुनाव आयोग में रिपोर्ट दाखिल करनी है। पार्टी ने राज्यों में चुनाव पूरे कर लिए हैं। सभी राज्यों ने राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव भी पारित कर भेज दिया है। इसलिए राहुल के खिलाफ किसी अन्य के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कराने की उम्मीद बहुत कम है। पिछले साल राहुल की अध्यक्षता में हुई कार्यसमिति की बैठक में भी उन्हें अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ा गया था।
पहले भी अटकलें लगती रही हैं
राहुल के पार्टी की कमान संभालने की चर्चाएं काफी समय से चल रही हैं। कई वरिष्ठ नेता उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग कर चुके हैं। दीपावली से पहले खुद सोनिया गांधी ने भी जल्द राहुल की ताजपोशी होने का संकेत दिया था। पहले ऐसी अटकलें थी कि राहुल 19 नवंबर को पार्टी अध्यक्ष बन सकते हैं क्योंकि इसी दिन इंदिरा गांधी की जयंती होती है। हालांकि पार्टी ने बाद में किसी भी तारीख के तय होने से इनकार कर दिया था।