भाजपा ने बुधवार को आरोप लगाया कि गुजरात विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत में 'वंदे मातरम' गाए जाने के दौरान कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला बैठे रहे, जिससे उन्होंने इसका अपमान किया। भाजपा ने उनसे माफी की मांग की।
कांग्रेस ने क्या कहा?
विपक्षी कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज किया, लेकिन राज्य के मंत्री प्रवीण माली ने आरोप लगाया कि जब राष्ट्रगीत शुरू हुआ तो खेड़ावाला खड़े तो हुए, लेकिन तुरंत ही बैठ गए। अहमदाबाद की जमालपुर-खाडिया सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले खेड़ावाला गुजरात में एकमात्र मुस्लिम विधायक हैं।
मंत्री प्रवीण माली ने क्या आरोप लगाया?
राज्य विधानसभा का तीन दिवसीय मॉनसून सत्र बुधवार को गांधीनगर में शुरू हुआ। पत्रकारों से बात करते हुए माली ने कहा कि सत्र की शुरुआत 'वंदे मातरम' से करने की परंपरा है। आरोप लगाया कि खेड़ावाला का व्यवहार राष्ट्रगीत का अपमान करने जैसा है।
'देश का अपमान करने जैसा है'
उन्होंने कहा, 'हम इस अपमान के लिए कांग्रेस से जवाब मांगते हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह इमरान खेड़ावाला का व्यक्तिगत रुख है या पार्टी का आधिकारिक रुख।' मंत्री ने मांग की कि खेड़ावाला अपने व्यवहार के लिए माफी मांगें। उन्होंने आरोप लगाया, 'उन्हें देश से भी माफी मांगनी चाहिए क्योंकि 'वंदे मातरम' का अपमान देश का अपमान करने जैसा है।'
माली ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस को जवाब देगी और दावा किया कि जनता भी स्पष्टीकरण की मांग कर रही है। हालांकि, विधानसभा में कांग्रेस के व्हिप कीरित पटेल ने आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि 'वंदे मातरम' गाए जाने के दौरान खेड़ावाला खड़े हुए थे।
कांग्रेस नेता ने कहा, 'यह कहना गलत है कि वह खड़े नहीं हुए। वह खड़े हुए थे। वह ठीक मेरे पीछे थे।' पटेल ने आगे कहा कि उन्हें नहीं पता कि खेड़ावाला एक-दो मिनट पहले बैठ गए थे या नहीं। उन्होंने कहा, लेकिन यह दावा पूरी तरह से गलत है कि राष्ट्रगीत गाए जाने के दौरान हमारे सदस्य खड़े नहीं हुए।
कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिश
पटेल ने आरोप लगाया, जिस तरह केंद्र में कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिशें की जाती हैं, उसी तरह गुजरात विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के कुछ लोग भी ऐसे आरोप लगाने के आदी हैं।' बाद में, हाल ही में निधन हुए पांच पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।