फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gujarat: नर्मदा की नहरों पर बने पांच 'खतरनाक' पुलों को बंद किया गया, चार पर रुकी गई भारी वाहनों की आवाजाही

Wed, 16 Jul 2025 04:44 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।

सार

Gujarat: गुजरात में नर्मदा नहरों पर बने पांच खतरनाक पुलों को बंद कर दिया गया है और चार पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। नर्मदा की नहरों पर बने कुल 2,110 पुलों की तकनीकी जांच के बाद यह फैसला लिया गया है। हाल ही में वडोदरा में हुए पुल हादसे के बाद सरकार पुलों और सड़कों की मरम्मत युद्धस्तर पर करवा रही है।
विज्ञापन
वडोदरा पुल हादसा - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गुजरात में नर्मदा की नहरों पर बने पांच पुलों को खतरनाक पाए जाने के बाद बंद कर दिया गया है। यह कदम जारी जांच प्रक्रिया के दौरान उठाया गया है। इसके अलावा, चार अन्य पुलों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन को 36 अन्य पुलों की तुरंत मरम्मत के लिए उन्हें बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

विज्ञापन


नर्मदा की नहरों पर दो हजार से ज्यादा पुल
सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ये सभी पुल नर्मदा नहर के नेटवर्क का हिस्सा हैं। हाल ही में राज्य में भारी बारिश के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनकी मरम्मत युद्धस्तर पर की जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर यह कार्य तेजी से किया जा रहा है। राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर नर्मदा की नहरों पर बने पुलों की तकनीकी जांच भी करवाई है। सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएनएल) के मुताबिक, नर्मदा की नहरों पर करीब 2,110 पुल हैं, जो राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा ग्रामीण सड़कों को जोड़ते हैं।

ये भी पढ़ें: पूर्वोत्तर भारत को मिली नई रफ्तार; मिजोरम पहुंची रेल लाइन, 26 वर्षों का सपना हुआ साकार
विज्ञापन


एसएसएनएनएल ने चलाया व्यापक निरीक्षण अभियान
इन पुलों की मौजूदा स्थिति का आकलन करने और संभावित नुकसान को रोकने व उनकी उम्र बढ़ाने के लिए एसएसएनएनएल ने हाल ही में एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इसके मुताबिक, जो पांच पुल पूरी तरह बंद किए गए हैं, उनमें से दो मोरबी जिले और तीन सुरेंद्रनगर जिले में हैं। नर्मदा की नहरों पर बने ये पुल लगातार भारी वाहनों के भार और पर्यावरणीय प्रभावों से प्रभावित होते रहते हैं। इसलिए समय-समय पर उनका निरीक्षण करना जरूरी होता है, ताकि किसी भी खतरे को पहले ही पहचाना जा सके और उसका समाधान निकाला जा सके।
विज्ञापन


वडोदरा में पुल हादसे के बाद एक्शन में सरकार
नौ जुलाई को आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ने वाले 40 साल पुराने एक पुल का हिस्सा टूटने से कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए थे। इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने हाल ही में हुई बारिश से प्रभावित राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ-साथ गांवों, कस्बों और शहरों की आंतरिक सड़कों की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पटेल ने राज्य में चल रहे सड़कों और पुलों की मरम्मत कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों से गुणवत्ता की जांच करने तथा नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा।

संबंधित वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें