फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात में भी UCC की पहल: समिति ने सीएम भूपेंद्र पटेल को सौंपी ड्राफ्ट रिपोर्ट, समझिए क्या है सरकार की तैयारी?

Tue, 17 Mar 2026 01:15 PM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर

सार

उत्तराखंड के बाद गुजरात भी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी में है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंप दी है। रिपोर्ट में राज्यभर के लोगों की राय और सभी धर्मों के लिए समान नियमों का सुझाव है।

विज्ञापन
सीएम भूपेंद्र पटेल को ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपती समिति की अध्यक्ष रंजना देसाई - फोटो : एक्स@Bhupendrapbjp
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में राज्य सरकार की ओर से बनाई गई विशेषज्ञ समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंप दी है। इससे पहले सरकार ने 4 फरवरी 2025 को एक 5 सदस्यीय समिति बनाई थी। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई कर रही थीं। समिति ने राज्यभर में अलग-अलग समाज, धर्म और राजनीतिक लोगों से बातचीत की और उनकी राय लेने के बाद यह रिपोर्ट तैयार की।

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार 23 मार्च को यह रिपोर्ट विधानसभा में रखी जा सकती है। इसके बाद 24 मार्च को यानी बजट सत्र के आखिरी दिन यूसीसी बिल पेश करने की तैयारी है। ऐसे में अगर यह बिल पास हो जाता है, तो गुजरात, उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा।

ये भी पढ़ें:- Lok Sabha Suspension: सांसदों का निलंबन निरस्त, किरेन रिजिजू ने रखा प्रस्ताव; स्पीकर ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ
विज्ञापन


सीएम भूपेंद्र पटेल ने क्या कहा?

समिति की तरफ ड्राफ्ट मिलने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी साझा की। पोस्ट में उन्होंने कहा कि राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने के लिए बनाई गई उच्चस्तरीय समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सीएम ने बताया कि समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना देसाई ने की। रिपोर्ट तैयार करने के लिए समिति ने राज्य के जिलों का दौरा किया, लोगों से राय ली और गहन चर्चा की।

ड्राफ्ट रिपोर्ट में शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचा सुझाया गया है। सीएम ने जोर दिया कि विशेष रूप से, इस ड्राफ्ट में महिलाओं के समान अधिकार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही गुजरात की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को भी ध्यान में रखा गया है। 

समझिए यूसीसी में क्या-क्या बड़े बदलाव होने की संभावना है?
ड्राफ्ट के मुताबिक यूसीसी में 

  • शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशन का रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।

  • बहुविवाह (एक से ज्यादा शादी) पर रोक लगेगी।

  • महिलाओं को संपत्ति में बराबर हक मिलेगा।

  • सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू होगा।

  • हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने का प्रस्ताव।

  • महिलाओं की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल ही रहेगी।

 

ये भी पढ़ें:- Air Strike on Afghanistan: 'अस्पताल पर हमले को कोई सही नहीं ठहरा सकता', भारत ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया

विज्ञापन


इससे  पहले केवल उत्तराखंड में हुआ है लागू

गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू हो चुका है। वहां शादी और लिव-इन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। बहुविवाह और बाल विवाह पर रोक है। इसके साथ ही बेटा-बेटी दोनों को बराबर संपत्ति का अधिकार दिया गया है।

अन्य वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें