सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह 10 सरकारी एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर को इंटरसेप्ट व निगरानी करने के लिए अधिकृत करने के केंद्र की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता वकील एमएल शर्मा ने बृहस्पतिवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई।
शर्मा ने कहा कि उन्हें बुधवार को यह जानकारी भी मिली है कि जजों के परिवार के लोगों के टेलीफोन और कंप्यूटरों पर निगरानी रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि वकील शर्मा पर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने फालतू जनहित याचिका दायर करने पर जुर्माना लगाया था। पीठ ने वकील शर्मा से पूछा कि क्या आपने जुर्माने की राशि जमा कर दी है। जवाब हां में मिलने पर पीठ ने कहा कि वह उनकी याचिका पर आवश्यकतानुसार सुनवाई करेगी।
शर्मा ने याचिका में सरकारी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि इस अधिसूचना के आधार पर इन एजेंसियों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत जांच व आपराधिक कार्यवाही शुरू करने से रोका जाए।