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जिम्मेदारी से ड्यूटी करने पर गई गार्ड की नौकरी, स्पीकर को कह दिया था 'काका'

Thu, 15 Jun 2017 04:58 PM IST
amarujala.com- Presented by : हरेन्द्र सिंह मोरल
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अगर कोई व्यक्ति जिम्मेदारी और अनुशासन से अपनी ड्यूटी ‌निभाए तो आप उसे क्या कहेंगे, जाहिर सी बात है उसकी तारीफ की जाएगी। लेकिन अगर उसमें बात राजनी‌ति की आ जाए तो फिर शायद स्थितियां विपरीत भी हो सकती हैं। 
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कुछ ऐसा ही हुआ है गुजरात में, जहां एक अस्पताल के गार्ड को जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभाने की सजा नौकरी से हाथ धोकर चुकानी पड़ी। नौकरी जाने की वजह भी बड़ी रोचक है गार्ड ने विधानसभा स्पीकर को नहीं पहचाना और उनसे काका कहकर गाड़ी हटाने के लिए बोल दिया। नेताजी की नाराजगी की कीमत गार्ड को नौकरी देकर चुकानी पड़ी तो सजा संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी को भी भुगतनी पड़ी जिसका कांट्रेक्ट निरस्त कर दिया गया। 

चलिए अब आपको विस्तार से बताते हैं कि पूरा मामला है क्या? मामला जुड़ा है गुजरात विधानसभा के स्पीकर रमणलाल वोरा से जो बीते शनिवार को आंखों का इलाज कराने के लिए बेटे के साथ गांधीनगर के सिविल अस्पताल गए थे। 
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इसी दौरान उनके बेटे ने कार अस्पताल की पार्किंग में गलत जगह पर खड़ी कर दी। ये देख वहां ड्यूटी कर रहा गार्ड किरण वाघेला उनके पास पहुंचा और बताया कि यह जगह इमरजेंसी वाहनों के लिए है और सुपरीडेंट ने यहां किसी वाहन को खड़ा करने के लिए सख्ती से मना किया है। 

गांधीनगर सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आए थे स्पीकर

इस पर रमणलाल ने उसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन अधिकारियों के डर से गार्ड वाघेला ने स्पीकर वोरा को 'काका' कहकर दोबारा वहां से गाड़ी हटाने के लिए कहा। बताया जाता है कि इस पर बाहर निकले स्पीकर वोरा ने कहा कि तुम मुझे नहीं पहचानते हो। 

किरण वाघेला के साथ ही उस समय ड्यूटी पर मौजूद रहे दूसरे गार्ड संजय वाघेला ने बताया कि किरण ने माननीय स्पीकर को काका तो कहा था लेकिन उसकी मंशा किसी तरह की अभद्रता करने की नहीं थी। 
हालांकि गार्ड से बिना बहस करे स्पीकर रमणलाल चुपचाप अस्पताल में अंदर चले गए, डॉक्टर के न मिलने पर वह जल्द ही वापिस आए और उससे पूछा कि तुम्हें यहां रखा किसने है जब तुम मुझे भी पहचानते नहीं हो। 

इसके बाद वोरा पुत्र के साथ गाड़ी में बैठकर चले गए। लेकिन सोमवार को उस समय गार्ड किरण वाघेला के पैरों तले से जमीन खिसक गई जब उसे पता चला कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया है। 

गांधीनगर सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आए थे स्पीकर

इस पर रमणलाल ने उसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन अधिकारियों के डर से गार्ड वाघेला ने स्पीकर वोरा को 'काका' कहकर दोबारा वहां से गाड़ी हटाने के लिए कहा। बताया जाता है कि इस पर बाहर निकले स्पीकर वोरा ने कहा कि तुम मुझे नहीं पहचानते हो। 

किरण वाघेला के साथ ही उस समय ड्यूटी पर मौजूद रहे दूसरे गार्ड संजय वाघेला ने बताया कि किरण ने माननीय स्पीकर को काका तो कहा था लेकिन उसकी मंशा किसी तरह की अभद्रता करने की नहीं थी। 
हालांकि गार्ड से बिना बहस करे स्पीकर रमणलाल चुपचाप अस्पताल में अंदर चले गए, डॉक्टर के न मिलने पर वह जल्द ही वापिस आए और उससे पूछा कि तुम्हें यहां रखा किसने है जब तुम मुझे भी पहचानते नहीं हो। 

इसके बाद वोरा पुत्र के साथ गाड़ी में बैठकर चले गए। लेकिन सोमवार को उस समय गार्ड किरण वाघेला के पैरों तले से जमीन खिसक गई जब उसे पता चला कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया है। 
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कांग्रेस विधायक पर टिप्पणी करके विवादों में आए थे स्पीकर

वहीं सिक्योरिटी एजेंसी के मालिक राजू व्यास ने कहा हमें उम्‍मीद है कि वो नाटिस वापस लेंगे। राजू ने कहा कि गार्ड ने जिस तरह अपनी ड्यूटी की उसमें उसकी तारीफ की जानी चाहिए थी। 

जिस जगह स्पीकर अपनी गाड़ी खड़ी कर रहे थे वह गंभीर मरीजों के लिए खड़ी होने वाली गाड़ी के लिए थी ऐसे में गार्ड वाघेला की तारीफ होनी चाहिए थी। वहीं स्पीकर ने इस संबंध में अभी कोई बयान नहीं दिया है। 

हालांकि इससे पहले स्पीकर रमणलाल वोरा उस समय भी विवादों में घिर चुके हैं जब कुछ दिन पहले विधानसभा के सत्र के दौरान उन्होंने कांग्रेस विधायक तेजश्री बेन पटेल को यह कहकर डांट दिया था कि चुप रहो ज्यादा ओवरस्मार्ट बनने की कोशिश मत करो। 

स्पीकर के इस बयान के बाद कांग्रेस विधायक एकजुट हो गए थे, मामला बढ़ता देख स्पीकर ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली थी। महिला विधायक ने आरोप लगाया कि स्पीकर इससे पहले भी कई बार उन्हें इसी तरह डांट चुके हैं।
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