कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया है कि जीएसटी काउंसिल द्वारा दैनिक उपभोग की 178 वस्तुओं पर टैक्स की दरों में की गई कमी का श्रेय पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को जाता है। राहुल के दबाव बनाने और गुजरात में उनके चुनाव अभियान को मिले भारी समर्थन के बाद ही मोदी सरकार यह कदम उठाने के लिए मजबूर हुई है।
कांग्रेस के महासचिव और गुजरात में पार्टी के प्रभारी अशोक गहलोत ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के उस आरोप को दोहराया है कि जीएसटी दरों में कमी गुजरात चुनाव के मद्देनजर की गई है और यह सब राहुल गांधी के कारण संभव हुआ है। भाजपा गुजरात की सत्ता हाथ से निकल जाने के डर से घबराई हुई है। इसीलिए जीएसटी दरों को घटाया गया है।
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कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दरों में कटौती के जीएसटी काउंसिल के फैसले को ‘किस्तों में मरम्मत’ करार देते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में कितनी अराजकता और तदर्थवाद व्याप्त है।
उन्होंने केंद्र सरकार और उसके वित्त मंत्री अरुण जेटली पर आरोप लगाया है कि वे समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और एक के बाद एक संकट के हालात पैदा कर रहे हैं। उन्होंने पेट्रोलियम, रियल एस्टेट और इलेक्ट्रिसिटी को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस इस टैक्स व्यवस्था को त्रुटिरहित बनाने के लिए दृढ़संकल्प है।
मालूम हो कि शुक्रवार को जीएसटी दरें घटाए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि वे इस टैक्स प्रणाली में अधिकतम दर को 28 फीसदी के बजाय 18 फीसदी किए जाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे। अगर भाजपा यह काम नहीं कर पाएगी तो कांग्रेस उसे करके दिखाएगी। इस अवसर पर उन्होंने फिर दोहराया कि देश को गब्बर सिंह टैक्स नहीं बल्कि एक सरल टैक्स व्यवस्था की जरूरत है।