जम्मू-कश्मीर के पर्यटन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने नकारात्मक प्रभाव डाला है। संसदीय समिति ने केंद्र सरकार से देश के इस उत्तरी राज्य में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों पर अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को लेकर दोबारा विचार करने का सुझाव दिया है।
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन विकास पर संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में आतंकवाद से जूझ रहे राज्य के पर्यटन उद्योग पर जीएसटी के नकारात्मक प्रभाव का उल्लेख किया है। समिति ने कहा कि अन्य राज्यों के विपरीत जम्मू-कश्मीर के लोग और कारोबारी जरूरी सामानों की खरीद पर ज्यादा खर्च करते हैं, जो उनके पूंजीगत व्यय को बढ़ाता है।
इसके साथ ही समिति ने कहा कि राज्य में पर्यटन के विकास के दौरान जम्मू-कश्मीर की संवेदनशीलता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। समिति के मुताबिक, राज्य के पर्यटन क्षेत्र में जीएसटी लागू किए जाने का नकारात्मक असर ज्यादा पड़ा है। जीएसटी से सबसे ज्यादा छोटे होटल व्यवसायी और दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं।
इसको देखते हुए समिति ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर की पर्यटन गतिविधियों में जीएसटी लागू करने में सावधानी बरतने और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर विचार करने का सुझाव दिया है। साथ ही अपनी रिपोर्ट में समिति ने इस बाबत पर्यटन मंत्रालय को वित्त मंत्रालय के साथ वार्ता की पहल करने का भी सुझाव दिया है।