वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को शुरू हुई वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 7वीं बैठक में सीजीएसटी कानून के मसौदे में शामिल अधिकतर प्रावधानों पर सहमति बन गई। हालांकि अभी तक द्वैध नियंत्रण (डुअल कंट्रोल) पर सहमति नहीं बनने की खबर है। इस मसले पर शुक्रवार को चर्चा की जाएगी।
वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 7वीं बैठक के पहले दिन देर शाम तक परिषद की बैठक चली। इसमें सीजीएसटी कानून के मसौदे में शामिल अधिकतर प्रावधानों पर सहमति बन गई। हालांकि क्रॉस एंपावरमेंट पर शुक्रवार की बैठक में चर्चा होगी। जीएसटी परिषद की यह बैठक दो दिनों तक चलेगी।
अधिकारी ने बताया कि सीजीएसटी पर सहमति बनने के बाद अब शुक्रवार को आईजीएसटी और एसजीएसटी के साथ डुअल कंट्रोल के मुद्दे पर चर्चा होगी। इस दौरान केंद्र और राज्य के अप्रत्यक्ष कर विभाग में काम करने वाले अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र पर खुल कर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार सर्विस टैक्स देने वाले कारोबारी पर नियंत्रण चाहती है, जबकि राज्य 1.5 करोड़ रुपये सालाना कारोबार वाले सभी कारोबारियों पर नियंत्रण चाहते हैं।
इसी दिन जीएसटी लागू करने की सूरत में राज्यों को केंद्र की तरफ से दी जाने वाली क्षतिपूर्ति पर भी चर्चा कर सहमति बनाने के प्रयास होंगे। अधिकारियों का कहना है कि अगर इस बैठक में जीएसटी के तीनों बिलों पर सहमति बन जाती है, तो इसे पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है।
गौरतलब है नरेंद्र मोदी सरकार अगले साल एक अप्रैल से एक देश, एक टैक्स, यानी, जीएसटी लागू करना चाहती है। अब दिसंबर लगभग बीत चुका है और सरकार के पास इस दिशा में काम करने के लिए महज तीन महीने बचे हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि जीएसटी काउंसिल की पिछली तीन बैठकों में द्वैध नियंत्रण (डुअल कंट्रोल) पर सहमति नहीं बन पाई है।