जीएसटी काउंसिल की बैठक में शुक्रवार की शाम सरकार ने देशवासियों और व्यापारियों को दिवाली का बड़ा तोहफा दिया। काउंसिल की बैठक में 27 आइटमों पर टैक्स की दरें घटाने का फैसला लिया गया, वहीं छोटे और मझोले व्यापारियों को भी बड़ा उपहार मिला है।
एसी रेस्टोरेंट में खाने के शौकीनों को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब इन रेस्टोरेंटों में खाना-पीना सस्ता हो जाएगा, पहले एसी रेस्टोरेंट में खाने पर 18 फीसदी टैक्स लगता था जो अब घटकर 12 फीसदी हो जाएगा। इसे कैसे लागू किया जाए इसपर विचार करने के लिए मंत्रियों के समूह (जीओएम) का भी गठन कर दिया गया है जो 20 दिन में अपनी रिपोर्ट देगा।
इसके साथ ही ये 27 और चीजें हैं जिनपर टैक्स कम किया गया है और इससे आम लोगों की जेब पर बड़ा असर पड़ेगा
- खाखड़ा व प्लेन चपाती पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है
- बच्चों के पैकेज्ड फूड पर 12 प्रतिशत से 5% कर दिया गया है।
- कपड़ा व्यापारियों को मैनमेड यार्न पर टैक्स 18 से घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया है
- डीजल इंजन और पंप के पुर्जों पर 28 से घटाकर 18 फीसदी
- अनब्रैंडेड नमकीन पर 12 से 5 फीसदी
- क्लिप और पिन जैसे स्टेशनरी वस्तुओं पर 28 से 18 फीसदी
- अनब्रैंडेड आयुर्वेदिक दवाओं पर 12 से पांच फीसदी
- जरी के काम और आर्टीफिशयल जूलरी पर जीएसटी 12 से 5 फीसदी
- ई-वेस्ट पर 28 से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है
- मार्बल और ग्रेनाइट को छोड़कर दूसरे स्टोन, स्टेशनरी पर जीएसटी 28 से 18 फीसदी कर दी गई है
- प्लास्टिक, रबर वेस्ट पर जीएसटी 18 से 5 फीसदी जबकि पेपर वेस्ट पर 12 से 5 फीसदी कर दी गई है
- ईवेस्ट पर जीएसटी 28 से 5 फीसदी
- कटे हुए आम पर जीएसटी 12 से 5 फीसदी
- जॉब वर्क करने वालों के लिए जीएसटी की दरें 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दी गई हैं
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एसी रेस्तरां में सस्ता होगा खाना
वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की 22वीं बैठक में कई बड़े फैसले किए गए। इस बैठक में छोटे और मझोले व्यापारियों को दीवाली का बड़ा तोहफा दिया है। छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए काउंसिल ने कंपोजिशन स्कीम में टर्नओवर की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिया है।
यही नहीं, डेढ़ करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले कारोबारियों को मासिक रिटर्न भरने से छूट देते हुए उन्हें तिमाही रिटर्न दाखिल करने की सुविधा दी गई है। साथ ही, व्यापारियों को परेशान कर रही रिवर्स चार्ज प्रणाली को अगले साल मार्च तक टाल दिया गया है।
जेटली ने कहा कि कंपोजिशन स्कीम की सीमा एक करोड़ रुपये किए जाने से ज्यादातर छोटे व्यापारियों को फायदा होगा। अगर वे ट्रेडिंग करते हैं तो एक फीसदी, मैन्युफैक्चरिंग में हैं तो दो फीसदी और रेस्तरां चलाते हैं तो पांच फीसदी का टैक्स देकर चैन से अपना धंधा चला सकते हैं।
साथ ही, डेढ़ करोड़ तक टर्नओवर वालों को तिमाही रिटर्न से छूट देने से उन पर कंप्लायंस का बोझ कम होगा। उन्होंने कहा कि रिवर्स चार्ज से भ्रम फैल रहा था, इसलिए इसे 31 मार्च, 2018 तक स्थगित कर दिया गया है। ई-वे बिल के बारे में कहा कि इस पर अगले साल एक अप्रैल से अमल किया जाएगा।