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इस हफ्ते जीएसटी बिल का हो सकता है बेड़ा पार

Mon, 25 Jul 2016 04:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अरसे से लटके वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बिल अगले हफ्ते कानूनी जामा पहन सकता है। सरकार सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते में इस बिल को चर्चा के लिए राज्यसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है।
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इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली इस बिल पर बनी राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी के साथ मंगलवार को बैठक करेंगे। इस बैठक में इस बिल के प्रारूप में विभिन्न दलों की मांगों के अनुरूप किए गए बदलावों पर बातचीत होगी।

इसके बाद इसे राज्यसभा में चर्चा और पारित किए जाने के लिए पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने पहले से ही जीएसटी बिल पर चर्चा के लिए पांच घंटे का समय निर्धारित किया है।
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सूत्रों ने बताया कि बीते करीब दो महीने से जीएसटी पर विभिन्न दलों से अलग-अलग बातचीत के बाद सरकार ने इसमें सुझावों के अनुरूप कुछ बदलाव किए हैं। अब इन बदलावों पर मंगलवार को जेटली राज्यों के वित्त मंत्रियों से बातचीत करेंगे।

इस पर बनी उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी के प्रमुख पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा हैं। सूत्रों का कहना है कि बदलाव पर इस कमेटी में बातचीत के बाद सरकार एक बार फिर से विभिन्न दलों से बातचीत करेगी। इसके बाद इसे राज्यसभा में चर्चा के लिए पेश कर दिया जाएगा। 

कांग्रेस का रुख सकारात्मक
जीएसटी पर कांग्रेस के सकारात्मक रुख ने सरकार उत्साहित है। सरकार के एक संसदीय राज्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं से कई दौर की बातचीत के बाद सहज स्थिति आई है। कांग्रेस के कुछ सुझावों पर सरकार सहमत है।

इसके अलावा अन्य दलों के भी सुझावों के अनुरूप बिल के प्रावधानों में थोड़ा बदलाव किया गया है। चूंकि सरकार ने बिल पर एक तरह से सभी दलों की चिंताओं का ख्याल रखा है। ऐसे में उम्मीद है कि जीएसटी की राह में रोड़ा नहीं अटकेगा।

ज्यादातर गैर कांग्रेस विपक्षी दल राजी
कांग्रेस के सकारात्मक रुख के इतर बसपा, टीएमसी, सपा, जदयू सहित कई विपक्षी दल जीएसटी के लिए राजी हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि अन्नाद्रमुक को भी मनाने का फार्मूला तैयार कर लिया गया है। जबकि वाम दलों के भी सुझावों केअनुरूप कुछ बदलाव किए गए हैं।
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