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केंद्र और राज्य आधा-आधा रखेंगे जीएसटी एंटीप्रोफिटीयरिंग की राशि, जानिए कैसे होगा बंटवारा

Fri, 15 Jun 2018 05:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जीएसटी एंटीप्रोफिटीयरिंग नियमावली के तहत स्थापित उपभोक्ता कल्याण कोष में कारोबारियों द्वारा जमा की गई राशि का केंद्र और संबंधित राज्य आधा-आधा विभाजन करेंगे। इस आशय का निर्देश केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने जारी किया है। पिछले साल जीएसटी लागू होने के बाद सरकार ने घटे कर का लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा सकने वाले कारोबार को दंडित करने के लिए एक राष्ट्रीय एंटीप्रोफिटीयरिंग प्राधिकरण का गठन किया था। जिन मामलों में उपभोक्ता की स्पष्ट पहचान कर पाना संभव नहीं हो, उन मामलों में राशि को उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा किए जाने का प्रावधान किया गया है।

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केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने जारी किया निर्देश, अब तक सीजीएसटी में राशि विभाजन पर स्पष्ट प्रावधान नहीं था

मंत्रालय ने केंद्रीय (जीएसटी) नियमों को संशोधित करते हुए कहा है कि आधी राशि केंद्र सरकार द्वारा गठित उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा की जाएगी और शेष राशि संबंधित राज्य द्वारा गठित कोष में जमा की जाएगी। संशोधन के मुताबिक संबंधित राज्य का मतलब उस राज्य से होगा, जहां एंटीप्रोफिटीयरिंग प्राधिकरण ने किसी कारोबार के विरुद्ध आदेश जारी किया होगा। अब तक सीजीएसटी में कानून का पालन नहीं करने वालों कारोबारों से वसूली गई राशि को विभाजित करने को कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था।

कैसे काम करती है एंटीप्रोफिटीयरिंग प्रणाली

एंटीप्रोफिटीयिरिंग प्रणाली के तहत स्थानीय प्रकृति की शिकायतों को पहले राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी के पास भेजा जाता है। वहीं राष्ट्रीय स्तर की शिकायतों को स्थानीय समिति के पास भेजा जाता है। शिकायत में यदि दम हो, तो संबंधित समिति इसे आगे की जांच के लिए एंटीप्रोफिटीयरिंग महानिदेशालय के पास भेजती है। महानिदेशालय करीब तीन महीने में जांच पूरी करता है और शिकायत को एंटीप्रोफिटीरिंग प्राधिकरण के पास भेजता है। यदि प्राधिकरण पाता है कि कंपनी ने जीएसटी का लाभ आगे नहीं पहुंचाया है, तो वह या तो कंपन को उपभोक्ताओं तक लाभ पहुंचाने का निर्देश देगा और यदि लाभार्थी की पहचान असंभव हो, तो वह कंपनी को एक समय सीमा के अंदर राशि को उपभोक्ता कल्याण कोष में डालने के लिए कहेगा। 

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