कांग्रेस ने केंद्र में सरकार बनने पर जीएसटी से अलग जीएसटी-2 लाने का एलान किया है। इसमें टैक्स की दो या तीन श्रेणी ही होगी और पार्टी लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र में भी इसे शामिल करेगी। कांग्रेस ने फिर दोहराया कि पेट्रोलियम और बिजली को तत्काल जीएसटी के दायरे में लाया जाए। पंजाब के वित्त मंत्री और जीएसटी काउंसिल के सदस्य मनप्रीत सिंह बादल ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा जीएसटी को आधी-अधूरी तैयारी के साथ लागू किया गया। कई संशोधनों के बाद भी इसमें कई खामियां हैं।
भाजपा कहती है कि कांग्रेस टैक्स कम करने की कोशिश को रोकना चाहती है, लेकिन सच्चाई यह है कि कांग्रेस चार उद्देश्यों को लेकर आगे बढ़ी है। हम चाहते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। टैक्स का ढांचा सरल हो, राजस्व बढ़े और टैक्स की दरें तार्किक और युक्ति संगत हो। बादल ने कहा कि 18 महीने में इतने बदलाव किए गए कि सरकार भी समझने लगी है कि अब इसमें सुधार संभव नहीं है। मेरा मानना है कि नई पीढ़ी के जीएसटी-2 की ही जरूरत पड़ेगी।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि वन नेशन वन टैक्स की बात कहने के बाद भी टैक्स की सात श्रेणी हैं। उन्होंने कहा कि 18 महीनों में काउंसिल की 31 बैठक हो चुकी हैं। यानि एक महीना तो बैठक में हीं निकल गया। राजस्व का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है। अभी दो महीनों में ही ऐसा हुआ जबकि 10-12 हजार करोड़ राजस्व कम आ रहा है।
कांग्रेस का हो सकता है जीएसटी काउंसिल का उपाध्यक्ष
जीएसटी काउंसिल का उपाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी से संबंधित हो सकता है। पंजाब के वित्त मंत्री और काउंसिल के सदस्य मनप्रीत सिंह बादल ने बताया कि 18 महीनों से काउंसिल में कोई उपाध्यक्ष नहीं है। काउंसिल के अध्यक्ष अरुण जेटली ने भी उपाध्यक्ष पद कांग्रेस के पास होने की बात की है। जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी बात करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत के बाद उपाध्यक्ष पद पर उसका दावा और बढ़ा गया।