मुंबई के घाटकोपर होर्डिंग हादसे में निलंबित आईपीएस कैसर खालिद ने एसआईटी को बताया कि निवर्तमान जीआरपी आयुक्त रवींद्र शिसवे ने मामले में लापरवाही बरती थी। शिसवे को अवैध बिलबोर्ड के बड़े आकार के बारे में शिकायतें मिलीं थीं। लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और ना ही कोई जांच की।
कैसर खालिद जो कि मई में पेट्रोल पंप पर होर्डिंग गिरने से गिरने से हुए हादसे के समय जीआरपी कमिश्नर थे। खालिद ने बताया कि कार्यालय नोट्स के जरिए शिवसे को शिकायतें बताईं गईं थीं लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
खालिद ने एसआईटी अधिकारियों को बताया कि उन्होंने अधिकतम 200 वर्ग फुट तक के होर्डिंग आकार को मंजूरी दी थी। खालिद के बयान के मुताबिक यह निर्णय स्थानीय मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए साइट पर अन्य होर्डिंग्स के लिए आवश्यक सुरक्षा शर्तों पर आधारित था।
हादसे के बाद खालिद को सस्पेंड कर दिया गया
हादसे के बाद खालिद को पुलिस महानिदेशक कार्यालय की मंजूरी के बिना अपने स्तर से होर्डिंग को मंजूरी देने में कथित प्रशासनिक चूक और अनियमितताओं के लिए निलंबित कर दिया गया था।
मुंबई के घाटकोपर में दो महीने पहले तेज आंधी तूफान की वजह से विशाल होर्डिंग उखड़कर गिर गई थी। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई थी। इस बीच जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। यह पाया गया है कि एगो मीडिया कंपनी द्वारा अरशद खान के जानकार लोगों के बैंक खातों में 82 लाख रुपये भेजे गए।
कौन हैं अरशद खान?
आपको बता दें कि अरशद खान, आईपीएस अधिकारी कैसर खालिद की पत्नी के व्यापारिक सहयोगी हैं। कैसर खालिद पर आरोप है कि उन्होंने रेलवे की जमीन पर होर्डिंग लगाने की मंजूरी दी थी। उस समय खालिद, राजकीय रेलवे पुलिस के आयुक्त थे। उन्हें अपने काम में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित किया गया था। हालांकि अब तक होर्डिंग हादसे के मामले मे कैसर खालिद और अरशद खान को आरोपी नहीं बनाया गया है।