केरल में चुनाव खत्म हो चुके हैं। यहां चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाले सामान को रिसाइकल कर उनसे बैग और कपड़े बनाए जा रहे हैं। इससे ना केवल वेस्ट मटीरियल कम हो रहा है बल्कि पर्यावरण को प्रदूषित होने से भी बचाया जा रहा है। इस काम से लोगों के लिए रोजगार भी उत्पन्न हो रहा है।
राजधानी तिरुवनंतपुरम की बीच डेस्टिनेशन माने जाने वाले कोवलम में एक एनजीओ में रोजाना महिलाओं का एक समूह इस सामान से करीब तीस बैग बनाता है। ये बाग आम बैग से काफी अलग हैं। किसी पर कांग्रेस के सिंबल की तस्वीर है, तो किसी पर राहुल गांधी की।
एनजीओ के अध्यक्ष मोहन कुमार नैयर का कहना है, "हम इन महिलाओं को एक बैग के 12 रुपये दे रहे हैं।" अभियान सामग्री को एक अन्य संगठन के माध्यम से यहां लाया जाता है, जो इन सभी को भी खरीदेगा। इसका मतलब ये है कि मौजूद सामान की रिसाइकलिंग और दोबारा इस्तेमाल करने से रोजगार पनपता है।"
एक सोशल इंपलॉयमेंट यूनिट के समन्वयक का कहना है कि हम चुनाव अभियान सामग्री से पांच हजार बैग बना सकते हैं। इससे अहम समय में गरीब महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। जिनमें से अधिकतर के पति मछुआरे हैं।
यहां तिरुवनंतपुरम में भाजपा उम्मीदवार कुम्मनम राजशेखरन का घर एक वर्कशॉप में तबदील हो गया है। यहां वॉलंटियर समर्थकों से मिले शॉल को बैग और कपड़ों में परिवर्तित कर रहे हैं। फ्लैक्स बोर्ड से जैविक खेती में इस्तेमाल होने वाले बैग बनाए जा रहे हैं।
उम्मीदवार कम्मम राजशेखरन का कहना है, "अभियान के दौरान मुझे समर्थकों से 98 हजार शॉल मिले हैं। मैंने सभी को संभालकर रखा। आज इनका बहुमूल्य सामान बनाने में इस्तेमाल हो रहा है, जैसे- कुर्ता, ड्रेस और बैग। हम इस सामान को उन लोगों में वितरित करेंगे जो कपड़े खरीदने में समर्थ नहीं हैं। हालांकि कई संगठन इस सामान को लेने को भी कह रहे हैं।"
इस सामान से बच्चों के कपड़े बनाने का काम कर रही महिला वॉलंटियर्स का कहना है कि वह यहां मुफ्त में स्वयं सेवा कर रही हैं। उनका कहना है कि वह पार्टी में विश्वास रखती हैं और ये भी मानती हैं कि उनकी समाज के प्रति जिम्मेदारी बनती है। बता दें केरल में चुनाव पहले चरण में 23 अप्रैल को संपन्न हुए थे। जिसके नतीजे 23 मई को आने हैं।