फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आतंकियों ने हैक की एनजीटी की वेबसाईट, कहा- सर्जिकल स्ट्राइक का बदला है यह

Tue, 04 Oct 2016 05:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
विज्ञापन
\
विज्ञापन
भारतीय सेना की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बौखलाए पाक समर्थित तत्वों की ओर से अब साइबर वार भी शुरू हो गया है। सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने का दावा करने वाले एक समूह ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की वेबसाइट को करीब एक घंटे तक हैक कर सबसे पहला निशाना बनाया है। हैकर्स की ओर से वेबसाइट पर आक्रामक मुद्रा में उंगली दिखाते हुए एक बच्चे की तस्वीर लगाई गई है। इसके नीचे संदेश में गाली देते हुए लिखा गया है कि - हम कभी नहीं हारेंगे। तुम कश्मीर में मासूम लोगों की जान लेकर खुद को देश का आत्मरक्षक कहते हो। सीमा पर सीजफायर के उल्लंघन को सर्जिकल स्ट्राइक का नाम देते हो। अब इस साइबर वार की आग को चूमो। 
विज्ञापन


वहीं, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन का कहना है कि सरकार को तत्काल इस बात का संज्ञान लेकर अन्य सरकारी वेबसाइटों की सुरक्षा के लिए सतर्क हो जाना चाहिए। यह जिसकी ओर से भी किया गया है बेहद ही भद्दा कदम है।

एनजीटी के अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह गौर किया गया कि वेबसाइट करीब 7 बजकर 15 मिनट पर हैक की गई। वहीं, कार्यालय में जस्टिस स्वतंत्र कुमार से इस संबंध में बातचीत की कोशिश की गई लेकिन कार्यालय की ओर से कहा गया कि वे बातचीत के लिए मौजूद नहीं हैं। वहीं करीब 8 बजकर 10 मिनट पर वेबसाइट खुलना बंद हो गई। खबर लिखे जाने तक अब वेबसाइट नहीं खुल रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

यह दूसरी बार है जब एनजीटी की वेबसाइट हैक हुई है

इस बात की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह समूह कहां का है और किसके जरिए वेबसाइट हैक की गई है। एनजीटी अधिकारियों का कहना है कि इस मामले पर अभी खोजबीन चल रही है। 

यह दूसरी बार है जब एनजीटी की वेबसाइट हैक हुई है। इससे पहले 2013 में एनजीटी की वेबसाइट को हैक किया गया था। वहीं अप्रैल, 2012 में दिल्ली हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की वेबसाइट पाकिस्तानी हैकर्स के जरिए निशाना बनाई गई थी। 

मालूम हो कि 29 सितंबर को भारतीय सेना के विशेष दस्ते ने एलओसी पार कर पाक आतंकियों के सात बंकर नष्ट किए थे। साथ ही सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 38 लोगों को मारा गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें