पीलीभीत जनपद को इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज यानी आईसीडीएस स्कीम की रिपोर्ट के मुताबिक कई सालों से हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है, इसके साथ यह जिला रेड जोन में भी चिन्हित है। इसका मतलब यह है कि इस जिले में बच्चों में कुपोषण का स्तर सीमा पार कर चुका है और अति कुपोषित बच्चों की संख्या सामान्य से काफी ज्यादा है।
इसके सापेक्ष कुपोषण पर काबू पाने के सरकारी प्रयासों की स्थिति यह है कि इस साल जिले में पांच साल तक के 3,56,720 बच्चों में से 1,80,517 का ही वजन हो पाया जिसमें 16 हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषित और 2,295 बच्चे अतिकुपोषित मिले हैं। अल्प वजन के बच्चों की तादाद 14,134 है।