स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग
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भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है। यहां हर दिन हालात भयावह होता जा रहे हैं। दिल्ली समेत देशभर के कई राज्य में मेडिकल ऑक्सीजन, बेड, दवाओं की कमी से कोविड-19 संक्रमित मरीजों की बड़ी संख्या में जान जा रही है। ऐसे में महामारी की मार से कमजोर पड़ रहे भारत की मदद के लिए स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने वैश्विक सहयोग की अपील की है। थनबर्ग ने एक ट्वीट में कहा, ‘भारत में जो हालात हैं, वह दिल झकझोरने वाले हैं। दुनियाभर के देशों को आगे बढ़कर कोरोना वायरस की महालहर का सामना कर रहे भारत की मदद करनी चाहिए।’
बता दें देश में हर दिन तीन लाख से अधिक कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं, जिसे लेकर थनबर्ग ने अपने ट्वीट के साथ ही भारत के मौजूदा स्वास्थ्य संकट के बारे में एक समाचार चैनल की रिपोर्ट भी साझा की।
किसान आंदोलन का किया था समर्थन
भारत में ग्रेटा थनबर्ग उस समय चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने कृषि बिल को लेकर चलाए जा रहे किसान आंदोलन का समर्थन किया था। उनके ट्वीट के साथ शेयर की गई टूलकिट को लेकर विवाद पैदा हो गया था। आरोप लगा था कि भारत विरोधी साजिश के तहत टूलकिट के जरिये अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से ट्वीट करवाए गए, ताकि इस मामले को उभारा जा सके।
कस्टम ड्यूटी में छूट
भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों के चलते अस्पताल में बेड और वेंटिलेटर की भारी कमी हो रही है, जिससे डॉक्टरों को लोगों की जान बचाने में मुश्किल हो रही है। इस बीच शनिवार (24 अप्रैल) को सरकार ने घरेलू उपलब्धता को बढ़ाने के लिए कोविड-19 वैक्सीन, मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन और संबंधित उपकरणों के आयात पर बुनियादी सीमा शुल्क में छूट देने की घोषणा की है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
पिछले 24 घंटे में कोरोना से हुई मौत का आंकड़ा दो हजार के पार
भारत में पिछले 24 घंटे में 3.46 लाख कोरोना के मामले दर्ज हुए जबकि 2 हजार 624 लोगों की मौत हो गई। देश में कोरोना के रोजाना के केस मार्च मध्य में 25 हजार से बढ़कर अब 3.5 लाख तक पहुंच गए हैं। एक्टिव केस यानी जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उनकी तादाद बढ़कर 25.5 लाख तक पहुंच गई है।