राम की नगरी अब भक्तों के लिए और अधिक आकर्षक व स्वागतमय बन रही है। राम मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करने के लिए एनएच-330ए (अयोध्या-गोण्डा मार्ग) पर एक शानदार लक्ष्मण द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। देईपुर/कटरा भागचंद्र अहतमाली क्षेत्र में 40 मीटर चौड़े मार्ग पर यह भव्य द्वार बनाया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत 3,970.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। द्वार को पिंक सॉलिड स्टोन से सजाया जाएगा, जो इसे राजसी एवं आकर्षक बनाएगा। पिंक स्टोन का उपयोग न केवल सौंदर्य बढ़ाएगा, बल्कि यह स्थानीय शिल्प कौशल को भी प्रदर्शित करेगा और अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला से प्रेरित होगा। परियोजना का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अक्तूबर तक इस परियोजना के तैयार हो जाने की उम्मीद है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती
अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के बाद यहां पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। लक्ष्मण द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक और कदम है, जो न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। स्थानीय व्यापारियों, होटलों, परिवहन सेवाओं और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। एनएच-330ए पर यह लक्ष्मण द्वार अयोध्या-गोण्डा मार्ग की गरिमा को कई गुना बढ़ा देगा।