समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और रालोद में भले गठबंधन तय है। मगर समाजवादी पार्टी कांग्रेस और रालोद को सीटें देने पर ज्यादा मुट्ठी खोलने के लिए तैयार नहीं है। पहले सपा ने सौ से सवा सौ सीटें देने के संकेत दिए थे। मगर बुधवार को सपा ज्यादा सख्त हो गई।
समाजावादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल ने कांग्रेस को कहा है कि वे अपने खाते से ही राष्ट्रीय लोक दल को सीटें दें। उन्होंने यहां तक कहा कि राष्टï्रीय लोकदल का उत्तर प्रदेश में कोई खास वजूद नहीं है। लिहाजा, आप अपने खाते से उन्हें सीट दें। उनसे हमारा कोई सीधा गठबंधन नहीं है। सपा के खाते से रालोद को सीट देने के हक में नहीं है। समाजवादी पार्टी के रुख को देखते हुए अजित सिंह ने लगभग हथियार डाल दिये है। वह अब अपनी 30 सीट की मांग से पीछे हट गए है। वहीं नीतीश कुमार के जनता दल युनाइटेड का महागठबंधन में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बन गई है।
दूसरी तरफ सपा के कड़े रुख को देखते हुए कांग्रेस भी दबाव में आ गई है। मगर पार्टी के शीर्ष स्तर पर सपा से उप मुख्यमंत्री पद की मांग की भी चर्चा है। पार्टी को अगर इस पद का भरोसा दिया जाता है तो वे अपनी मांग को हल्की कर सकती है। सीटों के तालमेल को लेकर रामगोपाल काफी सख्त हो गए हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 28 सीटें मिली थी। वहीं पार्टी के उम्मीदवार लगभग 31 सीटों पर दूसरे नंबर रहे थे।