उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक गांव में ग्राम प्रधान ने सरकार के मांग की है कि पाकिस्तान जा चुके मुस्लिम परिवार की संपत्ति को 'दुश्मन संपत्ति नियम' के तहत जब्त करे। साथ ही प्रधान ने सरकार के मांग की है कि पाकिस्तान जा चुके जिन लोगों की जमीन उसके रिश्तेदार अपने काम में ले रहे हैं सरकार उन पर जुर्माना भी लगाए।
वीरपुर छाबेलगढ़ी गांव के प्रधान सुनील कुमार ने एसडीएम को शिकायत करत हुए जांच की मांग की है। सुनील कुमार ने एसडीएम को शिकायत करते हुए कहा कि भारत की आजादी से पहले वीरपुर छाबेलगढ़ी गांव में जमीन के मालिक मसरात अली खान रहते थे मगर आजादी के बाद वो भारत छोड़कर पाकिस्तन जाकर बस गए। जिसके बाद मसरात के छोटे भाई शराफत अली पिछले पांच दशक से उनकी जमीन पर खेती का काम करते हैं।
पिछले महीने सुनील ने अलीगढ़ के एडीएस राम निवास शर्मा को भी इसकी शिकायत की थी। साथ ही मांग की कि मसरात की 70 बीघा जमीन को दुश्मन संपत्ति घोषित करे। एडीएस राम निवास ने एसडीएम पंकज वर्मा को बताया कि मसरात की जांच करने के बाद पता चला कि वो 1950 के आसपास भारत छोड़कर पाकिस्तान बस गया था। सरकार को उसकी जमीन दुश्मन संपत्ति नियम के तहत जब्त करनी चाहिए।
वहीं शराफत अली के छोटे बेटे सैफी का कहना है कि मेरे चाचा मसरात अली सन 1980 में भारत छोड़कर पाकिस्तान के करांची में जाकर बस गए, मगर उन्होंने मेरी दुसरे चाचा रफिक अली को इस जमीन का प्रतिनिधि बनाया है और वह दिल्ली में रहते हैं। हम बस अपने चाचा की जमीन पर खेती करते है, और कुछ नहीं। फिलहाल एसडीएस ने अपने स्तर पर जमीन की जांच शुरू कर दी है।