संसद के मानसून सत्र में ही जीएसटी विधेयक की नैया पार कराने की सरकार की कोशिशें रंग लाती दिख रही है। सभी विपक्षी दलों से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद सरकार अगले हफ्ते बहुप्रतीक्षित जीएसटी विधेयक राज्यसभा में पेश करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली राज्यसभा में कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों के समर्थन के लिए लंबे समय से मशक्कत कर रहे थे। इसी मुहीम के तहत बीते बुधवार को कैबिनेट ने विधेयक में जरुरी संशोधन को मंजूरी भी दे दी थी। संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सदन को जानकारी दी कि इस 122वें संविधान संशोधन विधेयक को अगले हफ्ते चर्चा और पास कराने के लिए पेश किया जाएगा। सरकार ने इसे सदन की कार्यवाही की सूची में शामिल किया है।
उम्मीद की जा रही है कि 2 अगस्त को इसपर चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले साल मई में यह विधेयक लोक सभा में पास हो चुका है। राज्यसभा में बहुमत की कमी की वजह से यह विधेयक लंबे समय से अंटका हुआ है। लेकिन विधेयक में हुए बदलाव की वजह से राज्यसभा की हरी झंडी के बाद इसे एक बार फिर लोकसभा से पास कराना होगा।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की मांग पर सरकार ने विधेयक में जरुरी बदलाव किया है। इसकेतहत निर्माण करने वाले राज्यों को एक फीसदी अतिरिक्त कर की सुविधा वापस लेने की मांग मान ली गई है। इसके अलावा जीएसटी लागू होने के बाद कर वसूली में जो भी घाटा होगा उसकी पांच साल तक शत प्रतिशत भरपाई केंद्र सरकार करेगी। इन शर्तों को मानने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को मदद का भरोसा दिया है।