उत्तराखंड में बादल फटने और भारी वर्षा से हुई जानमाल की क्षति को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहाकि इन घटनाओं की प्रमुख वजह जलवायु परिवर्तन है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए विस्तृत अध्ययन संबंधी कार्ययोजना तैयार की गई है।
हिमालय की प्राकृतिक संरचना और बदलावों को लेकर कुल 27 अध्ययन शुरू किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री शनिवार को राज्यसभा सांसद तरुण विजय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अध्ययन को दो वर्षों में पूरा किया जाएगा। इसके बाद हिमालय के लिए एक अलग नीति तैयार की जाएगी। अध्ययन के बाद इस नीति में हिमालय पर विकास को लेकर खाका तैयार किया जाएगा। यह पूरा अध्ययन 200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा।
राज्यसभा सांसद तरुण विजय का कार्यकाल 4 जुलाई को खत्म होने वाला है। इससे पहले उन्होंने देहरादून में स्थित वन अनुसंधान संस्थान परिषद को अपनी सांसद निधि से एक करोड़ रुपये दिए हैं। इस सांसद निधि का इस्तेमाल संस्थान में मौजूद खेल मैदान (रेंजर्स ग्राउंड) के नवीनीकरण में किया जाएगा।
वहीं, प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि यह पहली बार है कि कोई सांसद अपनी निधि से संस्थान कल्याण के लिए धनराशि दे रहा है। इस तरह की अपील अन्य सांसदों से भी की जाएगी। जावडे़कर ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय भी संस्थान को इतनी ही धनराशि की मदद और देगा। वहीं सांसद तरुण विजय ने कहा कि यदि खेल मैदान के विकास से उत्तराखंड में खेल और प्रतिभाओं को काफी प्रोत्साहन मिलेगा।