ब्रिटेन-इंडिया बिजनेस काउंसिल के चेयरमैन क्रिस पर्सन्स का कहना है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के मामले को और अधिक गंभीरता से संभालना चाहिए था।
माल्या को लेकर भारत की भावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि माल्या के प्रत्यर्पण की अहमियत का इससे पता चलता है कि यह पहला मुद्दा था जिसे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मे के साथ अपनी पहली ही बैठक में उठाया था। उन्होंने कहा कि मे को इसे और अधिक गंभीरता से लेना चाहिए था।
यह मोदी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मामला है और यदि वह इसे सिर्फ कोर्ट का मामला न बताकर खुद कोई कदम उठाती तो बेहतर रहता। उन्होंने कहा कि माल्या बहुत ही चालाक व्यक्ति है, उसने लंदन के बेहतरीन कानूनी टीम को चुनकर ब्रिटेन में ज्यादा से ज्यादा दिन रहना सुनिश्चित किया है।