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रिपोर्ट: पिछले साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के तीन लाख 70 हजार मामले हुए दर्ज, संसद में सरकार ने दी जानकारी

Thu, 16 Dec 2021 03:58 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महिला और बाल विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में माकपा सांसद झरना दास बैद्य के सवाल के जवाब में यह जानकारी साझा की। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 49,385 मामले सामने आए, इसके बाद पश्चिम बंगाल (36,439), राजस्थान (34,535), महाराष्ट्र (31,954) और मध्य प्रदेश (25,640) हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सरकार ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बुधवार को संसद को बताया कि पिछले साल देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कुल 371,503 मामले दर्ज किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक , महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बलात्कार, महिला की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग, दहेज हत्या, उत्पीड़न, एसिड हमले और अपहरण के मामले शामिल हैं।

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राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 49,385 मामले सामने आए, इसके बाद पश्चिम बंगाल (36,439), राजस्थान (34,535), महाराष्ट्र (31,954) और मध्य प्रदेश (25,640) हैं।
 
सरकार ने दिया जवाब
सितंबर में जारी एनसीआरबी की रिपोर्ट और बुधवार को सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराधों के अधिकांश मामले पति या उनके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (30.2 फीसदी) के तहत दर्ज किए गए थे, इसके बाद जबरन बदसलूकी के लिए महिलाओं पर हमले (19.7 फीसदी), महिलाओं का अपहरण और बंधक बनाना (19.0 फीसदी) और बलात्कार (7.2 फीसदी) के तहत मामले दर्ज किए गए थे।

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