केंद्र सरकार ने 100 साल पुराने केंद्रीय सचिवालय क्लब की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। डीओपीटी ने अवैध गतिविधियों, जुए, शराब सेवन और वित्तीय अनियमितताओं का हवाला दिया।
केंद्र सरकार ने राजधानी दिल्ली स्थित 100 वर्ष से अधिक पुराने सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश में क्लब परिसर में अवैध और अनुचित गतिविधियों के प्रथम दृष्टया प्रमाण मिलने की बात कही गई है।
पहले भी दो बार रद्द हो चुकी है मान्यता
गौरतलब है कि क्लब की मान्यता पहले भी 1971 और 1983 में अनियमितताओं के कारण रद्द की जा चुकी है। हालांकि बाद में 1972 और दिसंबर 2005 में समीक्षा के बाद इसे बहाल कर दिया गया था। लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि लगातार उल्लंघनों और गंभीर अवैध गतिविधियों को देखते हुए मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है।
क्लब में वर्तमान में लगभग 650 सदस्य हैं, जिनमें कार्यरत और सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी शामिल हैं। क्लब का प्रबंधन हर वर्ष चुनी जाने वाली कार्यकारिणी समिति के हाथ में होता है। सरकार का कहना है कि क्लब का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा और कल्याण था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह संस्था अपनी साख खो चुकी है।