पूरी दुनिया में बिल्लियों की संख्या बढ़ रही है और उनके बंध्याकरण का फैसला करने वाला पहला देश बेल्जियम है। पिछले साल फरवरी में इस यूरोपीय देश ने कानून बनाकर अपने यहां सड़कों पर घूमने वाली करीब बीस लाख बिल्लियों के लिए बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम लागू किया।
इसके तहत कानून बनने के बाद जन्म लेने वाली हर बिल्ली को छह महीने की उम्र के भीतर बंध्या बना दिया गया। यही नहीं, जो विदेशी पालतू बिल्लियों के साथ आते हैं, उनके लिए भी कानून बना कि वह 30 दिन से ज्यादा रुके तो उन्हें अपनी बिल्ली का बंध्याकरण कराना होगा। यह कानून वहां 2020 तक पूरी तरह लागू होगा और तब इस पर पुनर्विचार किया जाएगा।
पेटा इंडिया के अनुसार एक मादा बिल्ली साल में 12 बच्चों को जन्म देती है। ऐसे में उनकी आबादी अन्य जानवरों की अपेक्षा तेजी से बढ़ती है। पेटा के मुताबिक बंध्याकरण/टीकाकरण के बाद पशु ज्यादा स्वस्थ-लंबा जीवन जीते हैं। इसके बाद नर पशुओं के भटकने, झगड़ने और काटने की संख्या में भी कमी आती है।