सर्वदलीय फ्लोर लीडर्स की बैठक के बाद किरेन रिजिजू का बयान
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संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष अपने तमाम मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहा है, वहीं उसका आरोप है कि सत्ता पक्ष की तरफ से उनकी मांगें न माने जाने के कारण संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। जिसकी वजह से संसद के महत्वपूर्ण छह दिन हंगामे की भेंट चढ़ गए। इसे लेकर आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तमाम दलों के साथ एक बैठक भी की है। इस बैठक में टीडीपी के लवू श्री कृष्ण देवरायलू, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, डीएमके सांसद टी आर बालू , एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, जेडी(यू) के दिलेश्वर कामैत, आरजेडी के अभय कुशवाह, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत और सीपीआई(एम) के राधाकृष्णन शामिल हुए।
संविधान पर बहस की बनी सहमति
वहीं इस बैठक में दोनों पक्षों (सरकार और विपक्ष) में गतिरोध खत्म करने के साथ संविधान पर बहस की सहमति बन गई है। इस बैठक के बाद जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि, आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ सर्वदलीय फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई। कुछ दिनों से संसद में गतिरोध चल रहा है, सभी ने इस पर अपनी चिंता व्यक्त की है। हमने भी कहा कि सभी चुने हुए प्रतिनिधि भारत की संसद में अपनी बात रखने आते हैं और पिछले कई दिनों से संसद का न चलना ठीक नहीं है। सभी ने इसे स्वीकार किया। विपक्ष की ओर से कई मांगें की गई हैं। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के सामने संविधान पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा गया। सरकार ने उसे मंजूरी दे दी है।
लोकसभा और राज्यसभा में संविधान पर होगी चर्चा
उन्होंने आगे कहा कि, 13-14 दिसंबर को हम संविधान पर चर्चा करेंगे। सबसे पहले लोकसभा में चर्चा होगी। सभी ने इसे स्वीकार किया है। 16-17 दिसंबर को राज्यसभा में चर्चा होगी। स्पीकर ने यह भी कहा कि अगर कोई मुद्दा उठाना चाहता है तो उसके लिए नियम है। आप इसके लिए नोटिस दे सकते हैं लेकिन संसद में हंगामा करना और कामकाज में बाधा डालना ठीक नहीं है। सभी ने इसे भी स्वीकार किया है। यह अच्छी बात है कि सभी ने स्वीकार किया है कि कल से चर्चा होगी। हम कल लोकसभा में चर्चा के बाद पहला विधेयक पारित करेंगे। राज्यसभा में भी सूचीबद्ध कार्य पारित किए जाएंगे। मैं एक बार फिर सभी विपक्षी सांसदों और नेताओं से अपील करता हूं कि आज जो भी समझौते हुए हैं, उसे कायम रहें। हमें संसद को सुचारू रूप से चलाना चाहिए। कल से संसद सुचारू रूप से चलेगी। ऐसा समझौता हुआ है। मुझे उम्मीद है कि ऐसा होगा।
सपा और तृणमूल को मुद्दे उठाने की मिल सकती है अनुमति
वहीं सूत्रों से मिली सूचना के मुताबिक, समाजवादी पार्टी को लोकसभा में संभल मुद्दे और तृणमूल कांग्रेस को बांग्लादेश की घटनाओं को उठाने की अनुमति भी दी जा सकती है। हालांकि, अदाणी मुद्दे पर किसी विशेष चर्चा की संभावना कम है, उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य अन्य बहसों के दौरान इस पर बात कर सकते हैं। कांग्रेस लगातार अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और अन्य कंपनी अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों में अमेरिकी अभियोजकों की तरफ से अभियोग लगाने के मुद्दे को उठाती रही है।
अदाणी विवाद को प्राथमिकता नहीं दे रही TMC
बता दें कि संभल हिंसा और मणिपुर अशांति जैसे मामलों पर विपक्ष के जोरदार विरोध के साथ-साथ 25 नवंबर को शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार स्थगित हो रही है। हालांकि, कुछ अन्य विपक्षी दलों, खासकर टीएमसी ने अदाणी विवाद को उतनी प्राथमिकता नहीं दी है और वे चाहते हैं कि संसद में बेरोजगारी, मूल्य वृद्धि और केंद्र की तरफ से धन आवंटन में विपक्षी शासित राज्यों के साथ कथित भेदभाव समेत कई अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा हो।