भारत इस वक्त कोरोना वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है। देश में कोरोना के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर वैक्सीन की किल्लत अचानक से बढ़ गई है। दूसरी लहर में कई राज्यों से टीके की कमी की खबरें आ रही हैं। इस सबके बीच केंद्र सरकार ने रेमेडिसविर को आयात करने शुरू कर दिया है। कोरोना बीमारी में इस्तेमाल होने वाली रेमेडिसविर की पहली खेप आज भारत पहुंच रही है। पहली खेप में 75000 वायल होंगी।
1 लाख खुराक भेजेगी अमेरिकी कंपनी
भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने 4,50, 000 रेमेडिसविर इंजेक्शन अमेरिकी कंपनी गिलियड साइंसेज और मिस्री की ईवा फॉर्मा से आयात किया है। अमेरिकी कंपनी गिलियड साइंसेज इंक एक या दो दिन में 1 लाख खुराक और भेजेगी। इसके अलावा, एक मई से पहले या 15 मई तक 1000 खुराकों की आपूर्ति की जाएगी। ईवा फार्मा शुरू में लगभग 15000 वायल उपलब्ध कराएगी और जुलाई अंत तक 50 हजार वैक्सीन भारत आ जाएगी।
18 प्लस वालों को अभी नहीं लगेगी वैक्सीन
बता दें कि देश में 1 मई से 18 प्लस लोगों को भी टीका दिया जाएगा। लेकिन कई राज्य सरकारों ने टीके की कमी की शिकायत की है। राज्य सरकारों ने बताया कि वैक्सीन की कमी के चलते कई जगहों पर टीकाकरण अभियान रोक दिया गया है । ऐसे में 18 साल से ऊपर वालों के लिए टीके की प्रचुर मात्रा नहीं है। पर्याप्त मात्रा होने के बाद इस अभियान को धार दिया जाएगा।