सरकार ने घरेलू कालेधन को सामने लाने के लिए पिछले वर्ष शुरू की गई आय घोषणा योजना (आईडीएस) 2016 के तहत करों के भुगतान के नियमों में कुछ ढील दी है। इसके तहत यदि आईडीएस के तहत कर का भुगतान 5 दिसंबर 2016 तक भी किया गया है, तो घोषणा को वैध माना जाएगा।
पहले आईडीएस के तहत कालेधन की घोषणा करने वालों के लिए देय कर के भुगतान की पहली किस्त के भुगतान की तारीख 30 नवंबर 2016 तय की गई थी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की तरफ से आयकर विभाग के फील्ड कार्यालय को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि उचित तकनीकी परेशानियों की वजह से पहली किस्त के भुगतान में देरी पर कुछ रियायत दी जाए।
सीबीडीटी ने कहा है कि जिन मामलों में करों का भुगतान 30 नवंबर 2016 या उससे पहले की तारीख पर चेक,आरटीजीएस, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर के जरिये किया गया है, लेकिन बैंकों द्वारा इसे 30 नवंबर 2016 के बाद लेकिन 5 दिसंबर से पहले क्रेडिट किया गया है तो उसे वैध घोषणा माना जाएगा।