रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा है कि सरकार एक दशक के भीतर रक्षा बजट को घटाकर आधा करना चाहती है। गुरुवार को यहां एक सेमिनार का उद्घाटन करते हुए भामरे ने कहा कि रक्षा उद्योग में विदेशी मुद्रा अर्जित करने की बहुत ज्यादा संभावना है। इस मामले में हम देश को आत्मनिर्भर भी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2028 तक भारत 1400 करोड़ डॉलर (लगभग 95 हजार करोड़ रुपये) के विदेशी रक्षा उपकरणों को हटा लेगा।
भामरे ने बताया कि भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सैन्य बल है और यह अपने रक्षा बजट का 40 फीसद हिस्सा हथियारों पर खर्च करता है। इनमें लगभग 60 फीसद साजो-सामान विदेश से मंगाए जाते हैं।
वर्तमान सरकार एक दशक में स्वदेशी उपकरणों को बढ़ावा देकर रक्षा बजट में 50 फीसद कटौती लाना चाहती है। इसके लिए यह सरकार बधाई की पात्र है कि इसने मेक इन इंडिया अभियान के जरिये रक्षा उद्योग को किनारे से निकालकर मुख्यधारा में कर दिया है।