नोटबंदी से मची अफरातफरी के बीच वित्त मंत्रालय ने स्वीकारा है कि सरकार को अबतक देश और विदेश में मौजूद काले धन का सटीक अनुमान नहीं है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि मंत्रालय इस काम के लिए आर्थिक मसलों पर अनुसंधान करने वाले तीन संस्थानों के रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है।
लिहाजा फिलहाल यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि देश और विदेशों में कितना काला धन मौजूद है। शुक्रवार देर शाम पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) पर जारी विज्ञप्ति में वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। सरकार ने नेशनल इन्स्टीच्यूट ऑफ पब्लिक फाइनांस एंड पॉलिसी, नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकनॉमिक रिसर्च और नेशनल इन्स्टीच्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट को काले धन का अनुमान लगाने की जिम्मेदारी दी थी।
अब वित्त मंत्रालय इन संस्थाओं को विभिन्न रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है। हालांकि यह पहली बार नहीं कि सरकार देश-विदेश में मौजूद कालेधन की सटीक जानकारी के प्रति अनभिज्ञता व्यक्त की है। लेकिन कालेधन पर अंकुश लगाने के मकसद से 500 और 1000 के नोट चलन से हटाने के बाद सरकार ने पहली बार यह बयान जारी किया है।