कतर के फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई 2026 को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
भारत ने कतर फादर कहे जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। शेख हमद का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रविवार को कहा कि शोक के दिन पूरे भारत में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां इसे नियमित रूप से फहराया जाता है और उस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा।
कौन हैं शेख हमद?
शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उन्हें देश के आधुनिक विकास का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान और प्रभाव काफी बढ़ा। उनके नेतृत्व में खाड़ी का यह देश दुनिया के सबसे समृद्ध और प्रभावशाली देशों में से एक बन गया।
जून 1995 में शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने बिना ब्लडलेस पैलेस कू (बिना किसी रक्तपात के महल में तख्तापलट) के माध्यम से अपने पिता शेख खलीफा बिन हमद अल थानी से सत्ता अपने हाथ में ले ली। अपने 18 वर्षों के शासनकाल (1995–2013) के दौरान उन्होंने कतर के विशाल प्राकृतिक गैस उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की। इसके परिणामस्वरूप कतर प्रति व्यक्ति आय के आधार पर दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल हो गया। साथ ही, उन्होंने कतर की विदेश नीति को भी अधिक सक्रिय और प्रभावशाली बनाया, जिससे देश की वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक पहचान मजबूत हुई।