राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य ने मंगलवार को कहा कि भारतीय राजनीति का 'मुख्य रंग अब हिंदुत्व' हो गया है और 'समाजवाद' तथा 'धर्मनिरपेक्षता' राजनीति के केंद्र बिंदु नहीं रह गए हैं।
अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने से एक दिन पहले गोविंदाचार्य ने इसके महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय राजनीति के 'हिंदुत्व की जड़ों की ओर लौटने' का प्रतीक है, जो 2010 के बाद से मजबूत होने से पहले दशकों तक हाशिये पर पड़ा हुआ था।
वर्ष 1988-91 में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी के 'विशेष सहायक' रहे गोविंदाचार्य 1990 में आडवाणी द्वारा निकाली गई रथयात्रा के एक मुख्य योजनाकार माने जाते हैं। इस रथयात्रा ने राम जन्मभूमि आंदोलन को गति प्रदान की और बाद में भगवा पार्टी भारतीय राजनीति के मुख्य केंद्र में आ गई।
गोविंदाचार्य ने कहा कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ जैसे कांग्रेस के नेताओं ने (राम) मंदिर निर्माण के समर्थन में बोला है, जो यह संकेत देता है कि विपक्ष के कई नेता इस मुद्दे के लोगों में वैचारिक एवं भावनात्मक महत्व को समझते हैं।
कभी भाजपा के कद्दावर महासचिव रहे गोविंदाचार्य ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुत्व (की विचारधारा) को अपनाया और इसके बदले में लोगों ने उन्हें स्वीकार किया।' उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का सोनिया गांधी और राहुल गांधी के तहत पतन हुआ है और लोगों ने उसे नापसंद कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के आगे बढ़ने का बहुत हद तक श्रेय विपक्षी पार्टियों को जाता है।