फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोविंद पानसरे हत्याकांड: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी सहित तीन को दी जमानत, दो शूटर अब भी फरार

Tue, 14 Oct 2025 05:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोविंद पानसरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी वीरेंद्र तावड़े समेत तीन आरोपियों को जमानत दी है। इसके बावजूद आरोपी शरद कलस्कर को जेल में ही रहना होगा, क्योंकि उसे नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में भी सजा हो चुकी है। पानसरे हत्याकांड में अब तक 12 में से नौ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन दो शूटर अभी भी फरार हैं।
विज्ञापन
बंबई उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को तर्कवादी और लेखक गोविंद पानसरे की 2015 में हत्या के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को जमानत दी। इन तीनों में मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह तावड़े भी शामिल है। हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच के जस्टिस एसजी दिगे ने तावड़े के अलावा शरद कलस्कर और अमोल काले को भी जमानत दी है।
विज्ञापन


तावड़े और काले जेल से रिहा होंगे। लेकिन कलस्कर को जेल में ही रहना होगा, क्योंकि उसे 2013 में तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया जा चुका है। उसकी सजा के खिलाफ याचिका फिलहाल हाईकोर्ट में लंबित है।

ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक की हिरासत के मामले में कोर्ट ने टाली सुनवाई, अब 15 अक्तूबर को होगी
विज्ञापन


जस्टिस दिगे ने मंगलवार को कहा कि वह इन तीनों आरोपियों को जमानत दे रहे हैं और विस्तृत आदेश बाद में जारी करेंगे। उन्होंने कहा, आवेदनों को स्वीकार किया जाता है। मैं बाद में विस्तृत से आदेश पारित करूंगा। पानसरे परिवार की ओर से पेश हुए वकील की अपील पर कोर्ट ने अपने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

16 फरवरी को मारी थी पानसरे को गोली
गोविंद पानसरे पर 16 फरवरी, 2015 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में गोली मारी गई थी। कुछ दिन बाद 20 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली। पानसरे और उनकी पत्नी रोज सुबह की सैर से लौट रहे थे। तभी कोल्हापुर के सम्राट नगर इलाके में दो मोटरसाइकिल सवारों ने उन पर कई गोलियां चला दीं और फरार हो गए।

छह आरोपियों को पहले ही मिल चुकी जमानत
इस साल जनवरी में छह अन्य आरोपियों सचिन अंदुरे, गणेश मिस्किन, अमित देगवेकर, अमित बड्डी, भरत कुराणे और वासुदेव सूर्यवंशी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। कोर्ट ने उन्हें लंबे समय से जेल में रहने और मुकदमा जल्द खत्म न होने की संभावना के आधार पर राहत दी थी।

ये भी पढ़ें: न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता और करियर प्रगति का मामला; 28 अक्तूबर से पांच जजों की पीठ करेगी सुनवाई
विज्ञापन


एटीएस को सौंपी गई थी मामले की जांच
शुरुआत में यह मामला कोल्हापुर के राजारामपुरी थाने में दर्ज हुआ था। बाद में इसकी जांच महाराष्ट्र पुलिस की अपराध जांच शाखा (सीआईडी) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी गई।शूटरों का सुराग न लगने से नाराज पानसरे परिवार ने मामले की जांच आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीसी) को सौंपने की मांग की थी। तीन अगस्त 2022 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह कहते हुए जांच एटीएस को ट्रांसफर कर दी कि मामले में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

अब तक 12 आरोपियों की हुई पहचान
अब तक इस मामले में 12 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से नौ गिरफ्तार हो चुके हैं। चार पूरक आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं और इन नौ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। वहीं, दो शूटर अभी भी फरार हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें