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West Bengal: बजट सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण, बोले- राज्य सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

Thu, 05 Feb 2026 01:51 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने बजट सत्र के उद्घाटन पर कहा कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है ।

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस - फोटो : ANI (Video Grab)
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा करने में दृढ़ रही है। इसके साथ ही विकास के लिए एक लचीला और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मतदान से पहले बजट सत्र की शुरुआत में विधानसभा के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।  बोस ने चुनौतियों पर काबू पाने और निराशावाद को खारिज करने के लिए राज्य सरकार की सराहना की।

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लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए दृढ़
उन्होंने कहा, "वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक अस्थिरता और जलवायु चुनौतियों के इस दौर में, मेरी सरकार हमारे लोगों के लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।"राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्यपाल द्वारा लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया से योग्य मतदाताओं का बड़े पैमाने पर बहिष्कार हो सकता है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है।
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उन्होंने कोलकाता को लगातार 'भारत का सबसे सुरक्षित शहर' का दर्जा मिलने के लिए राज्य सरकार की सराहना की। राज्यपाल ने नए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से वाणिज्य और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा की गई कई पहलों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "छह नए आर्थिक गलियारे और आगामी ताजपुर बंदरगाह एक प्रमुख संचार जीवन रेखा प्रदान करेंगे और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बहुत बड़ा बढ़ावा देंगे।" हालांकि, राज्यपाल का संबोधन राजनीतिक रूप से तनावपूर्ण माहौल में समाप्त हुआ, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अध्यक्ष बिमान बनर्जी द्वारा औपचारिक विदाई के दौरान उन्हें विधानसभा से बाहर ले जाते समय सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा 'जय बंगला' के नारे लगाए गए। वहीं,  विपक्षी विधायकों द्वारा 'जय श्री राम' के नारे गूंजे।

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