मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा कि राज्य पुलिस और प्रशासन को राजनीतिक रूप से तटस्थ होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मार्ग से हटना गंभीर परिणामों का संकेत है।
राज्यपाल कहा- आप भले ही कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न हो, कानून आप से भी ऊपर है
वर्तमान में दार्जिलिंग में मौजूद धनखड़ ने ट्वीट में कहा कि राजनीतिक रूप से प्रेरित लोक सेवकों पर उनकी चेतावनी आंशिक रूप से ही असरदार रही है, क्योंकि कुछ अब भी आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं और वह यह समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसे ‘गलत आचरण’ उनके करियर के हिसाब से गंभीर एवं आपराधिक परिणाम होते हैं। राज्यपाल ने लोक सेवकों को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक झुकाव ‘अवैध एवं आपराधिक रूप से गलत’ है।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए सत्ता के गलियारे से अवैध घुसपैठयों को बाहर निकालने का यही सही समय है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि राजनीतिक रूप से प्रेरित जनसेवकों पर मेरे अलर्ट आंशिक रूप से ही असरकारी रहे हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि आप भले ही कितने ही ऊंचे क्यों न हो, कानून आप से भी ऊपर होता है। इसलिए तौर-तरीके बदल लीजिए। धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अक्तूबर में लिखे पत्र में यह सुनिश्चित करने के लिए सत्ता के गलियारों से गैर सरकारी तत्वों को हटाने का आह्वान किया था।
उन्होंने कहा था कि राज्य के सुरक्षा सलाहकार और प्रधान सलाहकार (आंतरिक सुरक्षा) संवैधानिक रूप से संगठित पुलिस ढांचे पर मनमर्जी न करें और पुलिस महानिदेशक एवं अन्य पुलिस अधिकारियों को अपनी इशारे पर न नचाएं और कहीं ऐसा न हो कि वे महत्वहीन हो जाएं। राज्य सरकार ने सेवानिवृत आईपीएस अधिकारियों सुरजीत कार पुरकायस्थ को सुरक्षा सलाहकार और रीना मित्रा को प्रधान सलाहकार (सुरक्षा) नियुक्त किया था।